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असम सरकार में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल के तहत वरिष्ठ मंत्री अतुल बोरा को संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

यह जिम्मेदारी अंतरिम व्यवस्था के रूप में दी गई है और इस संबंध में 16 मई को दिसपुर से आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई। राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की सलाह पर लिए गए इस निर्णय को राज्य सरकार के प्रशासनिक ढांचे में एक अहम कदम माना जा रहा है। अतुल बोरा पहले से पंचायत एवं ग्रामीण विकास, असम समझौता कार्यान्वयन, सीमा संरक्षण एवं विकास तथा आबकारी विभाग जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उनके कार्यक्षेत्र में संसदीय कार्य विभाग भी शामिल हो गया है।राजनीतिक जानकारों के अनुसार संसदीय कार्य विभाग सरकार और विधानसभा के बीच समन्वय स्थापित करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विधानसभा सत्रों के संचालन, विधेयकों की प्रक्रिया, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच संवाद तथा सरकारी कार्यों के सुचारु संचालन में इस विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।ऐसे समय में जब असम की राजनीति में संभावित कैबिनेट विस्तार और प्रशासनिक पुनर्गठन को लेकर चर्चाएं तेज हैं, अतुल बोरा को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दिए जाने को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अतुल बोरा अपने मौजूदा विभागों का कार्यभार पूर्ववत संभालते रहेंगे और अगले आदेश तक संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी। अधिसूचना को सभी संबंधित विभागों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा संवैधानिक संस्थाओं को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।राजनीतिक हलकों में इस फैसले को सरकार की रणनीतिक प्रशासनिक तैयारी और आगामी विधानसभा गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

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