असम जातीय परिषद से राजेन गोहाई का इस्तीफा, असम की राजनीति में बढ़ी हलचल :-
असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत वरिष्ठ राजनेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेन गोहाई ने असम जातीय परिषद (एजेपी) से इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा चुनाव में हार के कुछ ही सप्ताह बाद उनके इस फैसले ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजेन गोहाई ने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर लुरिनज्योति गोगोई के नेतृत्व वाली असम जातीय परिषद का दामन थामा था और बरहमपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे थे। हालांकि चुनाव में उन्हें भाजपा प्रत्याशी जितु गोस्वामी के हाथों 56141 मतों के बड़े अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गोहाई का इस्तीफा विपक्षी राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है। लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले राजेन गोहाई को असम की राजनीति का एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता है और उनके अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके इस्तीफे के पीछे संगठनात्मक असंतोष और चुनावी पराजय के बाद की राजनीतिक परिस्थितियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में राजेन गोहाई की ओर से विस्तृत सार्वजनिक बयान अभी सामने नहीं आया है। राज्य की राजनीतिक हलचल के बीच यह घटनाक्रम आगामी दिनों में असम की विपक्षी राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।