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देश के 18 शहरों में शुरू होगी वॉटर मेट्रो सेवा, पहले चरण में गुवाहाटी शामिल

नई दिल्ली: देश में आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल जल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में बताया कि देश के 18 शहरों में बहुप्रतीक्षित वॉटर मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है।

सरकार के अनुसार, पहले चरण में गुवाहाटी के साथ श्रीनगर, पटना, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज को शामिल किया गया है। वहीं, दूसरे चरण में असम के तेजपुर और डिब्रूगढ़ में भी इस परियोजना को लागू करने का प्रस्ताव है।

केंद्र सरकार ने शहर-आधारित जल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय जल मेट्रो नीति 2026 का मसौदा अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए भेज दिया है। सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इस नीति पर राज्य सरकारों से भी व्यापक चर्चा की जाएगी।

कोच्चि वॉटर मेट्रो की सफलता से प्रेरित होकर केंद्र सरकार अब देशभर के प्रमुख शहरों में जल-आधारित शहरी परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य आंतरिक जलमार्गों को आधुनिक, टिकाऊ और कुशल सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में बदलना है।

सोनोवाल ने कहा कि प्रस्तावित वॉटर मेट्रो प्रणाली पारंपरिक शहरी परिवहन की तुलना में कम खर्चीली और अधिक पर्यावरण-अनुकूल होगी। इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड फेरी के इस्तेमाल से परिचालन लागत कम होगी, जबकि यात्रियों को आरामदायक और तेज यात्रा का अनुभव मिलेगा। इससे शहरों में ट्रैफिक जाम कम करने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि यह सेवा केवल दैनिक यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटकों को भी आकर्षित करेगी। वॉटर मेट्रो सभी नौवहन योग्य जलमार्गों पर संचालित की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरित प्रौद्योगिकी को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी के तहत हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक प्रणोदन प्रणालियों को बढ़ावा देने के साथ समय-समय पर तकनीकी उन्नयन भी किए जाएंगे।

परियोजना के तहत जहाज, जेटी, पंटून, चार्जिंग स्टेशन, यात्री टर्मिनल और आधुनिक नेविगेशन प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त फंडिंग, PPP मॉडल और पूर्ण केंद्रीय सहायता जैसे विभिन्न वित्तीय विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने 25 फरवरी 2025 को कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड (KMRL) को 18 शहरों के व्यवहार्यता अध्ययन की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब तक 18 स्थानों का निरीक्षण पूरा हो चुका है और 17 शहरों की ड्राफ्ट रिपोर्ट जमा की जा चुकी है।

सोनोवाल ने कहा कि वॉटर मेट्रो परियोजनाएं न केवल विश्वस्तरीय परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देंगी, बल्कि शहरों की सुंदरता, पर्यटन, विरासत और क्षेत्रीय पहचान को भी नई पहचान देंगी।

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