शाहजहांपुर व रुहेलखंड में सुपर अल नीनो से बचाव के उपायों पर सवाल
शाहजहांपुर व रुहेलखंड क्षेत्र बरेली मंडल में लोगों ने सुपर अल नीनो से बचाव के लिए किए गए उपायों को लेकर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने शासन प्रशासन से इस संबंध में गाइडलाइन जारी करने की मांग की है। अमेरिकी मौसम एजेंसी (NOAA) और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस साल सुपर अल नीनो के सक्रिय होने की चेतावनी दी है, जो मानसून और खेती पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
NOAA के अनुसार मई से जुलाई के बीच सुपर अल नीनो के सक्रिय होने की संभावना 82% तक बढ़ गई है और यह सर्दियों तक जारी रह सकता है। इतिहास में अल नीनो के कारण कई बार भारत में सूखा पड़ा है, जिसमें 1957-58, 1965-66, 1972-73 और 1987-88 के वर्ष प्रमुख हैं। IMD ने उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत को अधिक प्रभावित क्षेत्र बताया है, जहां पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में कम बारिश का अनुमान है। किसानों और प्रशासन को पानी संरक्षण और सूखे से निपटने की तैयारी करनी होगी।