बिहार सरकार से भूमि विवाद समाधान के लिए नई नीति की मांग
बिहार: बिहार सरकार द्वारा भूमि से सम्बंधित रैयतों के नाम पर चल रहे पुराने रिकॉर्डों को लेकर समस्या उत्पन्न हो रही है। वर्तमान में 95% भूमि अब भी उन रैयतों के नाम से चल रही है जिनका स्वर्गवास हो चुका है और उनकी दो, तीन या चार पीढ़ियाँ गुजर चुकी हैं। इससे भूमि विवाद और झंझट बढ़ रहे हैं जो बिहार के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में आम समस्या बन चुका है।
जानकारी के अनुसार, यदि बिहार सरकार भूमि वितरण के लिए स्पष्ट नीतिगत नियमावली और शेड्यूल बनाकर अनिवार्य सरकारी बंटवारा कराए तो लगभग सभी विवाद अपने आप समाप्त हो जाएंगे। इस कदम से जनता को भी शिकायत करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और भूमि से जुड़े झंझटों का स्थायी समाधान संभव होगा।