किसान की बदहाली: कागजों में MSP, जमीन पर कालाबाजारी!
#अन्नदाता_की_पुकार #किसान_हित_में_आवाजआदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी और मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी, कृपया सिकंदराबाद, बुलंदशहर के किसानों की इस जमीनी हकीकत पर ध्यान दें!आज देश का पेट भरने वाला किसान बेबस और लाचार खड़ा है। सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,585 प्रति क्विंटल घोषित तो कर दिया, लेकिन सच यह है कि आम किसान को इस मूल्य का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी खरीद केंद्र सिर्फ कागजों और विज्ञापनों तक सीमित रह गए हैं, जबकि जमीन पर किसान औने-पौने दामों पर अपनी फसल बेचने को मजबूर है।दूसरी तरफ, खेती की लागत प्रतिदिन आसमान छू रही है। सरकारी दावों के विपरीत, बुलंदशहर जनपद सहित पूरे क्षेत्र में खाद की भारी कालाबाजारी धड़ल्ले से चल रही है। प्रशासन और खाद विभाग इस अवैध धंधे को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। खाद विक्रेताओं की खुली लूट: खाद की किल्लत का फायदा उठाकर खाद माफिया यूरिया और डीएपी के कट्टों के साथ जबरन अतिरिक्त गैर-जरूरी पैकेट (नैनो यूरिया या अन्य उत्पाद) किसानों को थमा रहे हैं। जो किसान इसे लेने से मना करता है, उसे खाद ही नहीं दी जाती!किसान मौसम की मार झेले, बढ़ती लागत की मार झेले या फिर इन बिचौलियों और खाद माफियाओं की? बार-बार गुहार लगाने के बाद भी प्रशासन मौन क्यों है?हमारी मांगें:गेहूं की 2,585 प्रति क्विंटल की दर से शत-प्रतिशत जमीनी खरीद सुनिश्चित की जाए।खाद के साथ जबरन थमाए जा रहे अतिरिक्त पैकेटों की 'टैगिंग' और कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगे।दोषी खाद विक्रेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।अगर अन्नदाता ही इस कदर लूटेगा, तो देश कैसे आगे बढ़ेगा? सरकार तुरंत संज्ञान ले!- जगवीर भाटी(तहसील अध्यक्ष - सिकंदराबाद, जनपद - बुलंदशहर)भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) (#):#FarmerIssues2026 #StopBlackMarketing #MSP_एक_धोखा #WheatMSP2585 #SaveIndianFarmers #YogiAdityanath #PMModi #SikandrabadNews #BulandshahrFarmers #BKIU #किसान_एकता_जिंदाबाद #भ्रष्टाचार_बंद_करो #खाद_की_कालाबाजारी_रोको