अमेठी में नौकरी के नाम पर 10 लाख की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर बैंक से लोन पास कराय
अमेठी। बेरोजगार युवक को सहायक अध्यापक बनाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित मुसाफिरखाना के बगिया कैलाश गांव का धर्मेंद्र कुमार यादव है, जो फरवरी 2023 में रोजगार की तलाश में राजीव गांधी पॉलिटेक्निक गया था। वहां उसकी मुलाकात अमित द्विवेदी से हुई, जिसने खुद को स्कूल संचालक बताया।
अमित ने कहा कि 10 लाख दो, तो प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार शुक्ला, निदेशक सरोज कुमार और कार्यकारी निदेशक राहुल नायक से मिलकर सहायक अध्यापक की पक्की नौकरी लगवा देगा। भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने उत्तर प्रदेश परीक्षा परिषद के नाम से फर्जी नियुक्ति आदेश, जॉइनिंग लेटर और वेतन प्रमाण पत्र तैयार कर धर्मेंद्र को दे दिया।
इन्हीं कागजों के आधार पर धर्मेंद्र ने फैजाबाद के दर्शन नगर SBI से 10 लाख का लोन ले लिया। लोन मिलते ही उसने 11 अप्रैल 2023 को 6 लाख और 12 अप्रैल को 2 लाख रुपये, कुल 8 लाख रुपये अमित के खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाकी पैसा भी धीरे-धीरे ले लिया गया।
जब धर्मेंद्र नौकरी जॉइन करने कॉलेज पहुंचा तो न कोई नियुक्ति थी, न अमित मिला। पैसे मांगने पर पहले टालमटोल, फिर 1 लाख 27 हजार लौटाकर बाकी देने से मना कर दिया गया। आरोप है कि इसके बाद गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़ित की तहरीर पर प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार सिंह ने बताया कि बैंक स्टेटमेंट और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अमित द्विवेदी समेत चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है