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भागने की कोशिश में कैदी की मौत का मामला: मृतक कैदी पर ही दर्ज किया गया केस

पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान पुलिस की गोली लगने से शनिवार को मारे गए कैदी नसीब उर्फ बिल्लू के खिलाफ थाना मॉडल टाउन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मृतक कैदी पर पुलिस कर्मी पर जानलेवा हमला करने, उसकी वर्दी फाड़ने, पिस्तौल छीनने का प्रयास करने और हिरासत से फरार होने की कोशिश करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, रविवार को सामने आई सीसीटीवी फुटेज में नसीब उर्फ बिल्लू एक पुलिस कर्मचारी पर तेजधार चाकू से बार-बार हमला करता और उसकी पिस्तौल छीनने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान आत्मरक्षा में चली गोली से उसकी मौत हो गई।
नसीब उर्फ बिल्लू के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट और हत्या समेत सात गंभीर मामले दर्ज थे। इसके बावजूद उसे एक वरिष्ठ हेड कांस्टेबल अकेले ही ई-रिक्शा में लेकर जेल वापस जा रहा था। इस पर कई सवाल उठ रहे हैं कि जब कैदी को जेल की सरकारी एंबुलेंस से सिविल अस्पताल लाया गया था, तो वापसी के समय उसे उसी एंबुलेंस में क्यों नहीं ले जाया गया।
इस मामले पर अधिवक्ता जेरथ ने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके खिलाफ नया केस दर्ज करना कानूनी रूप से उचित नहीं है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जांच अधिकारी एसआई samsher singh ने बताया कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कैदी के पास चाकू कैसे पहुंचा। इसके लिए सिविल अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस और अन्य पुलिस कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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