धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश
धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को भागलपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ अजय कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ एस्टेनो राजू कुमार, धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मैनेजर अवध किशोर श्यामला जी, डॉ सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक सबसे पहले ओपीडी कक्ष पहुंचे, जहां उन्होंने पुरुष एवं महिला मरीजों के लिए अलग-अलग व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनरल वार्ड का निरीक्षण करते हुए अस्पताल की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। साथ ही चिकित्सकों को मरीजों की बेहतर सेवा और स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
इसके बाद उन्होंने आपातकालीन कक्ष का निरीक्षण किया। यहां सर्पदंश और डॉग बाइट से संबंधित दवाओं एवं उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिलना चाहिए और आवश्यक दवाएं हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए।
ड्रग्स काउंटर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि जिन दवाओं की एक्सपायरी अवधि दो, तीन या छह महीने के भीतर है, उन्हें पहले उपयोग में लाया जाए। इसके लिए अलग काउंटर और विशेष स्थान विकसित करने को कहा गया, ताकि दवाओं की बर्बादी रोकी जा सके और स्टॉक प्रबंधन बेहतर हो।
दवाई वितरण काउंटर पर पहुंचकर उन्होंने ओपीडी और आईपीडी में उपलब्ध दवाओं की सूची की जांच की। जांच के दौरान ओपीडी में 209 और आईपीडी में 172 प्रकार की दवाएं उपलब्ध पाई गईं। दवा व्यवस्था को संतोषजनक बताते हुए नियमित निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
वैक्सीन रूम का निरीक्षण करते हुए उन्होंने वहां लगे सीसीटीवी कैमरे को देखा और कक्ष के अंदर भी अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया, ताकि निगरानी व्यवस्था और मजबूत हो सके।
लेबर रूम का निरीक्षण करते हुए उन्होंने वहां की साफ-सफाई और सुविधाओं की सराहना की। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। मरीजों ने भोजन व्यवस्था को अच्छा बताया, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान स्थापना किरानी को बुलाया गया, लेकिन उनके अनुपस्थित पाए जाने पर नाराजगी जताई गई। वहीं नवजात बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र निर्धारित तिथि पर ही उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया गया। इसके लिए अलग फॉर्मेट विकसित करने को कहा गया, ताकि प्रमाण पत्र निर्गत करने में किसी प्रकार की देरी न हो और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
समग्र निरीक्षण के दौरान अस्पताल की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। क्षेत्रीय अपर निदेशक ने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।