बरेली: ग्रामीण युवाओं का डिजिटल कौशल से आत्मनिर्भर भविष्य
युवाओं के लिए बड़ी खबर: डिजिटल स्किल से संवर रहा है ग्रामीण भारत का भविष्य!
बरेली / उत्तर प्रदेश:
आज के इस डिजिटल दौर में देश के ग्रामीण इलाकों के युवा कमाल कर रहे हैं। हाल ही में आए एक सर्वे के मुताबिक, भारत के गांवों और छोटे कस्बों के युवा अब सिर्फ सोशल मीडिया पर रील्स देखने में समय नहीं बिता रहे, बल्कि डिजिटल स्किल्स (Digital Skills) सीखकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
गांवों से चल रहा है 'वर्क फ्रॉम होम'
उत्तर प्रदेश के बरेली सहित कई जिलों के युवा अब अपने घरों में बैठकर ही कोडिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट जैसी चीजें सीख रहे हैं। इनमें से कई युवा घर बैठे-बैठे ही देश-विदेश की कंपनियों के लिए फ्रीलांसिंग काम करके अच्छी-खासी कमाई भी कर रहे हैं।
सरकार और संस्थाओं का मिल रहा है साथ
ग्रामीण युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की डिजिटल इंडिया स्कीम और कई सामाजिक संस्थाएं (NGOs) मिलकर काम कर रही हैं। गांवों में इंटरनेट की पहुंच आसान होने से युवाओं के लिए पढ़ाई और रोज़गार के नए रास्ते खुल गए हैं। अब हुनर दिखाने के लिए बड़े शहरों में जाकर भटकने की मजबूरी धीरे-धीरे खत्म हो रही है।
सोशल मीडिया एक्टिविस्ट की कलम से:
"अगर हमारे गांवों के युवाओं को सही दिशा और इंटरनेट का सही इस्तेमाल सिखाया जाए, तो वो देश की अर्थव्यवस्था का चेहरा बदल सकते हैं। आज ज़रूरत है कि हर गांव में डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर सेंटर खोले जाएं ताकि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे।"
इश्तियाक सैफ़ी (सोशल मीडिया एक्टिविस्ट)