जनपद संभल न्यायालय परिसर व चन्दौसी डिस्ट्रीक्ट कोर्ट में कुछ तथाकथित मुस्लिम वकीलों पर गंभीर आरोप, पैसों के लिए झूठे मुकदमों का कारोबार होने की चर्चा
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संभलचन्दौसी में कुछ तथाकथित मुस्लिम वकीलों पर गंभीर आरोप, पैसों के लिए झूठे मुकदमों का कारोबार होने की चर्चा
संभल/चन्दौसी। जनपद संभल और चन्दौसी में प्रैक्टिस करने वाले कुछ तथाकथित अधिवक्ताओं को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर चर्चाएँ और आरोप सामने आ रहे हैं। आरोप है कि कुछ वकील पैसों के लालच में झूठे और विवादित मुकदमे तैयार कराने में भूमिका निभा रहे हैं, चाहे सामने अस्सी वर्षीय बुजुर्ग विधवा महिला ही क्यों न हो।
ताज़ा मामले में आरोप लगाया गया है कि एक बड़े बेटे ने अपनी ही लगभग 80 वर्षीय विधवा मां को लगातार झूठे मुकदमों में तीसरी बार फँसाने के लिए कुछ आपराधिक मामलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं का सहारा लिया। बताया जा रहा है कि पहले भी ऐसे मामले अदालत में टिक नहीं पाए, एक मामला खारिज हो चुका है, इसके बावजूद फिर नया मुकदमा दायर कराया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ तथाकथित वकीलों के लिए यह मायने नहीं रखता कि सामने कोई बुजुर्ग महिला है, विधवा है या कमजोर स्थिति में है। आरोप यह है कि जिन लोगों के पास पैसा होता है, उनके पक्ष में खड़े होकर किसी भी हद तक जाने की कोशिश की जाती है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों से न्याय व्यवस्था की गरिमा प्रभावित होती है और निर्दोष लोगों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।
कई सामाजिक लोगों ने मांग की है कि यदि किसी अधिवक्ता की भूमिका झूठे मुकदमे गढ़ने, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने या न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग में पाई जाती है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ बार काउंसिल स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही यह भी मांग उठ रही है कि अधिवक्ता पेशे की मर्यादा बनाए रखने के लिए सख्त आचार संहिता लागू की जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कानून का पेशा न्याय दिलाने के लिए है, न कि पारिवारिक विवादों को झूठे मुकदमों के जरिए और अधिक भड़काने के लिए। लोगों ने प्रशासन और बार परिषद से ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश व बार काउंसिल ऑफ इंडिया को उन अधिवक्ताओं की डिटेल भेजी जा रही है।