400 से अधिक बंदरों ने मचाया उत्पात, खेती-किसानी से लेकर बच्चों की सुरक्षा तक संकट
बंदरों के आतंक से त्रस्त ग्रामीणों ने लगाई गुहार
400 से अधिक बंदरों ने मचाया उत्पात, खेती-किसानी से लेकर बच्चों की सुरक्षा तक संकट
अम्बेडकरनगर। तहसील आलापुर क्षेत्र के ग्राम माझाचहोड़ा शाह, ग्राम पंचायत चहोड़ा शाहपुर में बंदरों का आतंक दिन-प्रतिदिन विकराल रूप धारण करता जा रहा है। गांव में करीब 400 से अधिक बंदरों के झुंड ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। भय और परेशानी के साए में जी रहे ग्रामीणों ने अब प्रशासन एवं वन विभाग से तत्काल राहत दिलाने की मांग की है।
ग्राम निवासी जय नारायण साहू द्वारा प्रशासन को दिए गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि बंदरों के झुंड रोजाना घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान नष्ट कर देते हैं। इतना ही नहीं, बंदर बच्चों और पालतू जानवरों पर हमला कर उन्हें घायल भी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब हालत यह हो गई है कि लोग अपने घरों की छतों पर कपड़े तक नहीं सुखा पा रहे हैं, क्योंकि बंदर कपड़े फाड़कर बर्बाद कर देते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों के आतंक का सबसे अधिक असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। खेतों में लगी फसलें बंदरों के झुंड द्वारा लगातार उजाड़ी जा रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेतों की रखवाली करना भी ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया है।
पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या पिछले कई महीनों से लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा वन्य जीव शाखा को तत्काल भेजकर अम्बेडकरनगर वन विभाग की टीम को गांव में भेजा जाए, ताकि बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जा सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।