चंडीवास और ढाकवाला के युवाओं ने संभाली प्राकृतिक जल स्रोत बचाने की जिम्मेदारी, दिया अनोखा संदेश
गाँव के युवाओं ने संभाली प्राकृतिक जल स्रोत बचाने की जिम्मेदारी
मोरनी (मांधना), 17 मई। चंडी वास और ढाकवाला क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए वर्षों पुराने कुएँ की श्रमदान से सफाई की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव में फिलहाल पानी की कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों को सुरक्षित रखना जरूरी है। इसी सोच के साथ युवाओं ने कुएँ को संवारने और उसकी सफाई का जिम्मा उठाया।
करीब 25 से 30 वर्ष पुराने इस कुएँ में लंबे समय से पत्थर, मलबा और गंदगी जमा हो गई थी। इसके चलते ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर कुएँ की सफाई की और उसकी रंगाई-पुताई भी करवाई, जिसमें विशेष रूप से महिपाल और रामचरण की भूमिका सराहनीय रही।
इस अभियान में संगठन के प्रधान नवीन, पत्रकार देव दर्शन, राकेश, प्रिंस, गुरनाम, अजय, निर्मल, हनी सहित गांव के युवा, बुजुर्ग और बच्चों ने भाग लिया। बुजुर्ग रामजी दास, मास्टर मंगल चंद, लाल चंद और आशीष शर्मा ने भी युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए सहयोग किया। वहीं पंच हरीश (पुनीत) ने भी कार्यक्रम में सिरकत की और भविष्य में किसी भी सहयोग की आवश्यकता पड़ने पर साथ देने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि यह कुआं गांव की पुरानी विरासत और आस्था का प्रतीक है। सफाई के बाद ग्रामीणों ने कुएँ की पूजा-अर्चना की तथा मीठे चावल का लंगर लगाकर राहगीरों को प्रसाद वितरित किया। ग्रामीण अब कुएँ की मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य भी आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, लेकिन आर्थिक सहायता मिलने में देरी हो रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने भोज मटोर मांधना पंचायत और खड़कुआ पंचायत से भी सहयोग की अपील की है, ताकि इस प्राकृतिक जल स्रोत को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
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