इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मानवीय पहलुओं पर ध्यान देने का निर्देश दिया
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में कहा है कि अधिकारियों को केवल कड़े नियमों पर नहीं बल्कि मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए। यह निर्देश डीएलएड प्रशिक्षु छात्रा करिश्मा के मामले में आया, जिन्होंने गणित की परीक्षा में शामिल होने के लिए विशेष अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया था।
कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे करिश्मा की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए 10 दिनों के भीतर उसके प्रत्यावेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें और अंतिम निर्णय लें। यह फैसला छात्रों के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि अब अधिकारियों को छात्रों की वास्तविक समस्याओं को समझ कर मानवीय आधार पर रियायत देने का मार्ग अपनाना होगा। इस फैसले से डीएलएड प्रशिक्षुओं और छात्र संगठनों में खुशी की लहर है।