तामारहाट में तटबंध बना मुसीबत! बाढ़ से बचाव के नाम पर सैकड़ों परिवारों पर संकट
तामारहाट में निर्माणाधीन तटबंध को लेकर स्थानीय लोगों के बीच भारी नाराज़गी और विरोध देखने को मिल रहा है। लोगों का आरोप है कि सुरक्षा और सुविधा के उद्देश्य से बनाया गया यह तटबंध अब उनके लिए नई परेशानियों का कारण बनता जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, निर्माणाधीन 127 (बी) राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा के लिए तामारहाट से कुमारगंज तक लगभग तीन किलोमीटर लंबा तटबंध तैयार किया गया है। लेकिन मानसून के करीब आते ही स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि इस तटबंध की वजह से गंगाधर नदी का बढ़ता पानी अब सैकड़ों परिवारों के घरों और बड़े कृषि क्षेत्रों में घुस सकता है, जिससे भारी नुकसान की आशंका पैदा हो गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गंगाधर नदी का कटाव और बाढ़ का पानी हर साल इलाके के लिए बड़ी समस्या बनता है। ऐसे में नदी किनारे मजबूत और स्थायी तटबंध बनाना जरूरी था ताकि गांवों और खेतों को सुरक्षित रखा जा सके। लेकिन आरोप है कि राजमार्ग निर्माण एजेंसी ने अपनी सुविधा को प्राथमिकता देते हुए तटबंध को राष्ट्रीय राजमार्ग के बिल्कुल पास बना दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह तटबंध न तो नदी के कटाव को रोक पाएगा और न ही बाढ़ से लोगों को राहत देगा। उल्टा, इसकी वजह से कई गांवों के लोगों की आवाजाही तक प्रभावित हो गई है। कई स्थानों पर हालत ऐसी है कि लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चलना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
स्थिति को लेकर नाराज़ स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले की गंभीर जांच की मांग की है। साथ ही लोगों ने मांग उठाई है कि या तो इस तटबंध को उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, या फिर गंगाधर नदी के किनारे स्थायी और वैज्ञानिक तरीके से मजबूत बांध का निर्माण किया जाए, ताकि जनता को वास्तविक सुरक्षा और राहत मिल सके।