श्री शिशु भवन हॉस्पिटल में फिर गूंजी किलकारी, गंभीर नवजात को मिला नया जीवन
श्री शिशु भवन हॉस्पिटल में फिर गूंजी किलकारी, गंभीर नवजात को मिला नया जीवन
श्री शिशु भवन हॉस्पिटल ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा, अथक समर्पण और मानवीय संवेदनाओं से एक नन्हीं जिंदगी को नया जीवन देकर मानवता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की है।
दिनांक 30/03/2026 को समय से पूर्व जन्मे एक गंभीर नवजात शिशु को अत्यंत नाजुक अवस्था में श्री शिशु भवन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। शिशु के पिता श्री शिव कुमार मानकर एवं माता श्रीमती सुभाषिनी मानकर, निवासी गायत्री नगर मीरपेठ, हैदराबाद, अपने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखकर पूरी तरह टूट चुके थे।
जन्म के समय बच्चे का वजन मात्र 830 ग्राम था। उसके फेफड़े पूर्ण रूप से विकसित नहीं थे, हृदय संबंधी गंभीर समस्या थी, मस्तिष्क में रक्तस्राव हो रहा था तथा गंभीर संक्रमण ने उसकी स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बना दिया था। परिवार के लिए हर पल किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं था।
ऐसी विषम परिस्थिति में श्री शिशु भवन हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. श्रीकांत गिरी एवं उनकी अनुभवी टीम ने बिना समय गंवाए उपचार प्रारंभ किया। बच्चे की हर सांस पर लगातार निगरानी रखी गई। प्रारंभिक दिनों में नवजात को हाई ऑक्सीजन फ्लो (HOF) सपोर्ट पर रखा गया, तत्पश्चात आवश्यकता अनुसार वेंटिलेटर सहायता एवं सभी आवश्यक जीवनरक्षक उपचार दिए गए।
डॉक्टरों की अथक मेहनत, धैर्य, अनुभव और सेवा भाव का परिणाम धीरे-धीरे सामने आने लगा। लगातार उपचार और सावधानीपूर्वक देखभाल से बच्चे की स्थिति में सुधार होता गया। कई जटिल चिकित्सीय प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अंततः वह दिन आया जब इस नन्हे योद्धा ने जिंदगी की सबसे बड़ी जंग जीत ली।
आज दिनांक 17/05/2026 को बच्चे को पूर्णतः स्वस्थ होने पर सकुशल अस्पताल से छुट्टी दी गई। जिस परिवार ने अपने बच्चे को खोने का डर मन में बसा लिया था, आज वही परिवार अपने बच्चे को स्वस्थ देखकर भावुक हो उठा। अभिभावकों की आंखों से छलकते खुशी के आंसू मानो श्री शिशु भवन हॉस्पिटल के प्रति उनकी कृतज्ञता स्वयं बयां कर रहे थे।
बच्चे के माता-पिता ने भावुक होकर कहा
हमने अपने बच्चे के बचने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, लेकिन श्री शिशु भवन हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने हमारे बच्चे को नया जीवन देकर हमारे परिवार की खुशियां लौटा दीं। यह अस्पताल हमारे लिए किसी भगवान से कम नहीं है। यहाँ के डॉक्टरों और स्टाफ ने केवल इलाज नहीं किया, बल्कि हर पल हमें हिम्मत और विश्वास भी दिया। हम जीवनभर इस उपकार को कभी नहीं भूल पाएंगे।
इस सफल उपचार में डॉ. श्रीकांत गिरी के साथ डॉ. रवि द्विवेदी, डॉ. प्रणव अंधारे, डॉ. मनोज चंद्राकर, डॉ. मोनिका जायसवाल, डॉ. चंद्रभूषण देवांगन, डॉ. नक्षत्र, डॉ. अनुराग कुमार, डॉ रोशन शुक्ला,एवं समस्त नर्सिंग और सहयोगी स्टाफ का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
जहाँ उम्मीदें खत्म होने लगती हैं, वहाँ समर्पित सेवा, अनुभव और मानवता मिलकर नई जिंदगी की शुरुआत लिखते हैं।