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साइबर टीम की छापेमारी से खमरिया में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़,12 गिरफ्तार, 1494 सिम कार्ड, 27 मोबाइल, एटीएम कार्ड व 61 हजार रुपये बरामद

ईसानगर, खीरी। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने खमरिया कस्बे में किराए के मकान में संचालित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में सिम कार्ड, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक, फिंगर प्रिंट डिवाइस समेत अन्य सामग्री और 61 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

जानकारी के अनुसार एसएसपी खीरी के निर्देशन में 14 मई गुरुवार को साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार आरोपी गांवों के भोले-भाले लोगों को आयुष्मान कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करते थे। इसके बाद उनके नाम पर बैंक खाते और ऑनलाइन वॉलेट खुलवाकर उन्हें बिग विनर समेत विभिन्न बैटिंग एप्स से जोड़ देते थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि देशभर में होने वाली साइबर ठगी का पैसा इन्हीं खातों के जरिए ट्रांसफर किया जाता था। गिरोह के सदस्य कमीशन लेकर खातों का इस्तेमाल कराते थे। जांच होने पर खाताधारक पुलिस के दायरे में आते थे, जबकि गिरोह के मुख्य सदस्य खुद को बचाने में सफल रहते थे।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने अनिल वर्मा निवासी तंबौर सीतापुर, सर्वेश कुमार निवासी सरावल थाना ईसानगर, राहुल राज निवासी बेलवामोती, दीपक कुमार निवासी हरदासपुर थाना खमरिया, अमित रंजन निवासी बसड़िया, संजय कुमार निवासी बसंतापुर कोतवाली धौरहरा, हरीश कुमार निवासी हरदासपुर, अमर सिंह निवासी रसूलपुर, शिवम पांडेय, हरीश कुमार गौतम निवासी बसड़िया ऐरा, कपिल निवासी मोहद्दीपुर तथा अवधेश निवासी रायपुर महोली सीतापुर को गिरफ्तार किया है।

भारी मात्रा में सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1494 सिम कार्ड, 27 एंड्रॉयड मोबाइल, पांच कीपैड मोबाइल, 26 एटीएम/डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 112 आयुष्मान कार्ड, पांच पासबुक, चेकबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड, फिंगर प्रिंट रीडर डिवाइस, 61 हजार रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त होंडा अमेज कार बरामद कर सीज की है।

गांव वालों को नेटवर्क बिजनेस और नौकरी का देते थे झांसा

गांव में पूछताछ के दौरान लोगों ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले तक आरोपियों की आर्थिक स्थिति सामान्य थी और कई के पास खाने तक के पैसे नहीं थे। अचानक उनके रहन-सहन में बड़ा बदलाव आ गया। आरोपियों ने महंगी गाड़ियां, मकान और लग्जरी जीवनशैली अपना ली थी। गांव के लोगों द्वारा पूछने पर वे खुद को नेटवर्क बिजनेस अच्छी नौकरी से जुड़ा बताकर बात टाल देते थे।

इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक हेमंत कुमार राय, निरीक्षक देवेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक आशीष सहरावत, उपनिरीक्षक सुनील पवार, आरक्षी राहुल चौधरी और आरक्षी मयंक वर्मा शामिल रहे।

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