नवागत डीएम का धौरहरा में पहला दौरा, संपूर्ण समाधान दिवस में उमड़ी फरियादियों की भीड़
146 शिकायतें दर्ज, हजारों की मौजूदगी और केवल 7 मामलों का निस्तारण
ईसानगर, खीरी। धौरहरा तहसील में शुक्रवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस नवागत जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के प्रथम आगमन को लेकर पूरे दिन चर्चा में रहा। तहसील परिसर में सुबह से ही फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तहसील गेट से लेकर सभागार तक लंबी कतारें नजर आईं। हालांकि प्रशासनिक अभिलेखों में कुल 146 शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई, जिसे लेकर लोगों के बीच सवाल उठते रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस से पहले उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ विकास खंड धौरहरा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का निरीक्षण किया,इस दौरान धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी भी उपस्थित रहे। सरसवा में निर्मित बाजार हाट का लोकार्पण एवं निरीक्षण किया गया, जबकि हरदी गांव में बने आंगनबाड़ी केंद्र का भी लोकार्पण किया गया। इस दौरान खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
इसके बाद जिलाधिकारी,सीडीओ सहित धौरहरा विधायक तहसील सभागार पहुंचे, जहां उन्होंने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। विभागवार प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की 63, पुलिस विभाग की 42, विकास विभाग की 9, समाज कल्याण की 9, लोक निर्माण विभाग की 4, विद्युत विभाग की 6, नगर निकाय की 3, आपूर्ति विभाग की 4 तथा अन्य विभागों की 6 शिकायतें शामिल रहीं। कुल 146 शिकायतों में से मौके पर केवल 7 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया।
तहसील परिसर में मौजूद लोगों का कहना था कि करीब एक हजार लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। ऐसे में भारी भीड़ और दर्ज शिकायतों के आंकड़ों के बीच अंतर पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। वहीं केवल सात शिकायतों के निस्तारण पर भी लोग सवाल उठाते नजर आए।
करीब दोपहर एक बजे तक फरियादियों का पहुंचना जारी रहा। भीड़ और शिकायतों की संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी सख्त नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई कर लोगों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा और भविष्य में समस्याओं की संख्या कम करने का प्रयास किया जाएगा। समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि कुछ विभागीय अधिकारी और लेखपाल अनुपस्थित रह।