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मुरादाबाद: ग्रामीण समाज में बंजर सोच और केकड़ा मानसिकता पर लेख

मुरादाबाद: मोहम्मद आसिम, CSC VLE और All India Media Association के सदस्य, ने अपने लेख में ग्रामीण समाज की आंतरिक मानसिकता में व्याप्त बंजर सोच और केकड़ा मानसिकता की समस्या पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण लोग अपने विचारों के स्तर पर आज भी पिछड़े हुए हैं और दूसरों की कमियों को ही अपनी प्राथमिकता मानते हैं, जिससे समाज की प्रगति बाधित हो रही है।

मोहम्मद आसिम ने कहा कि इस दोहरी मानसिकता का सबसे बड़ा उदाहरण केकड़ा मानसिकता है, जहां जब कोई व्यक्ति आगे बढ़ने की कोशिश करता है तो बाकी लोग उसे नीचे खींचते हैं। उन्होंने कार्य की गरिमा और मानसिक सृजन को बढ़ावा देने पर बल दिया और बताया कि छोटे-छोटे उद्योग, जैसे 10ml की बोतल बनाने का लघु उद्योग, समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उनका संकल्प है कि वे अपने विचारों के माध्यम से स्थानीय समाज में वैचारिक पारदर्शिता लाएं और समाज को सार्थक बनाने में योगदान दें।

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