लोकतंत्र को मजबूत करने वाले ही मतदान से वंचित - पंचायत चुनावों में बड़ी अव्यवस्था : राजेन्द्र ठाकुर
भाजपा मण्डल ददाहू अध्यक्ष राजेन्द्र ठाकुर ने पंचायत चुनावों में चुनाव ड्यूटी पर तैनात हजारों सरकारी कर्मचारियों को मतदान के अधिकार से वंचित किए जाने को लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 3758 पंचायतों, जिला परिषद के 251 वार्डों तथा पंचायत समिति के 1769 वार्डों में तीन चरणों में चुनाव करवाए जा रहे हैं। इन चुनावों के सफल संचालन के लिए लगभग 13 हजार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इनमें से हजारों कर्मचारी अपना मताधिकार प्रयोग नहीं कर पाएंगे।
राजेन्द्र ठाकुर ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा पंचायत चुनावों के लिए लगभग 1300 पोलिंग पार्टियां बनाई गई हैं और प्रत्येक पोलिंग पार्टी में करीब 6 अधिकारी एवं कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। इसके बावजूद चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के मतदान की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। चुनाव ड्यूटी सर्टिफिकेट (EDC) जारी न होने तथा कर्मचारियों की ड्यूटी उनके मतदान क्षेत्रों से बाहर लगाए जाने के कारण हजारों कर्मचारी वोट डालने से वंचित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में कई बार जीत और हार का अंतर केवल एक या दो वोट तक सीमित रहता है। ऐसे में हजारों कर्मचारियों का मतदान न कर पाना चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
राजेन्द्र ठाकुर ने कहा कि जो कर्मचारी पूरे दिन मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, वही अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग नहीं कर पाएंगे। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे कर्मचारी वर्ग में भारी नाराजगी व्याप्त है।
उन्होंने प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग से मांग की कि चुनाव ड्यूटी में लगे प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के मतदान अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि लोकतंत्र की गरिमा और संविधान की भावना सुरक्षित रह सके।