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लाइफस्टाइल बीमारियों पर योग प्रहार, मधुमेह से मानसिक तनाव तक बचाव का मंत्र

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में 18 मई से शुरू होगा विशेष योग शिविर

पंचकूला, 16 मई: भागदौड़ भरी जिंदगी में मधुमेह (शुगर), उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियां स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन रही हैं। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला की ओर से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और बीमारियों की रोकथाम को लेकर विशेष योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का शुभारंभ 18 मई से होगा, जोकि 29 मई तक चलेगा।

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में योगाभ्यास के माध्यम से असंक्रामक रोगों के जोखिम को कम कर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।

संस्थान के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि असंतुलित खानपान, तनाव, शारीरिक निष्क्रियता और अनियमित दिनचर्या इन बीमारियों के प्रमुख कारण हैं। ऐसे में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम और अनुशासित जीवनशैली को मेटाबॉलिक एवं जीवनशैली विकारों से बचाव का प्रभावी त्रिस्तरीय कवच माना जा रहा है। संतुलित एवं पौष्टिक आहार उत्तम स्वास्थ्य की आधारशिला है। ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें तथा प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शरीर के चयापचय को संतुलित बनाए रखने, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा दीर्घकालिक रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक होते हैं। वहीं जंक फूड, अत्यधिक चीनी, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ एवं अस्वास्थ्यकर वसा का अधिक सेवन मोटापा, मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं को बढ़ावा देता है। इसके साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधियाँ शरीर को सक्रिय बनाए रखने, हृदय स्वास्थ्य सुधारने तथा मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

*हर रोज सुबह 7 से 8 बजे तक सामान्य योग सत्र का आयोजन*

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्वस्थवृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूजा हसन ने बताया कि संस्थान द्वारा गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न योग गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। आमजन हेतु प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक सामान्य योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त मधुमेह हेतु विशेष योग शिविर का आयोजन 18 मई से 29 मई तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 9 बजे तक किया जाएगा। इसके पश्चात मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेतु योग शिविर का आयोजन 30 मई से 10 जून तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 9 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

*योग शिविर में योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया जाएगा*

असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूजा हसन ने बताया कि योग वर्तमान समय में जीवनशैली विकारों की रोकथाम एवं प्रबंधन का एक प्रभावी एवं समग्र उपाय बनकर सामने आया है। नियमित योगाभ्यास, प्राणायाम एवं ध्यान शरीर की लचीलापन क्षमता बढ़ाने, श्वसन एवं हृदय स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने, तनाव कम करने तथा मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध होते हैं। आधुनिक जीवन की भागदौड़ एवं मानसिक तनाव के बीच योग केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति एवं स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 18 मई से शुरू होने वाले योग शिविर में योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया जाएगा, जिनका उद्देश्य आयुर्वेद एवं योग आधारित स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। यह पहल लोगों को निवारक स्वास्थ्य देखभाल अपनाने, दैनिक जीवन में योग को शामिल करने तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली की ओर प्रेरित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। बढ़ते हुए जीवनशैली जनित रोगों के इस दौर में निवारक एवं समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। संतुलित आहार, अनुशासित जीवनशैली एवं नियमित योगाभ्यास मिलकर गैर-संचारी रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकते है।

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