*कन्या महाविद्यालय टपूकड़ा में जल संरक्षण एवं जीव-जंतुओं के बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*
*कन्या महाविद्यालय टपूकड़ा में जल संरक्षण एवं जीव-जंतुओं के बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*
खैरथल हीरालाल भूरानी
राजकीय कन्या महाविद्यालय टपूकड़ा में भीषण गर्मी एवं बढ़ते जल संकट को देखते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत जल संसाधनों के संरक्षण तथा पक्षियों एवं पशुओं के बचाव को लेकर एक विशेष जागरूकता व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं आमजन में पर्यावरण संरक्षण, जल बचत तथा जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा।
महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. मनोज चोपड़ा ने व्याख्यान के दौरान कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। लगातार गिरते भूजल स्तर, बढ़ती गर्मी तथा जल की बर्बादी आने वाले समय के लिए गंभीर चुनौती है। यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं अपनाए गए तो भविष्य में पेयजल संकट और अधिक गहरा सकता है। वक्ता डॉ दीपिका शर्मा और मनीष कुमार ने छात्राओं को वर्षा जल संचयन, पानी का सीमित एवं सही उपयोग, घरों में पानी बचाने के उपाय तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जल है तो कल है के संदेश को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए परिंडे लगाए गए तथा उनमें पानी भरवाया गया ताकि भीषण गर्मी में पक्षियों को राहत मिल सके। इसके साथ ही बेसहारा एवं आवारा पशुओं के लिए पानी की टंकी भी स्थापित की गईं, जिससे उन्हें गर्मी के मौसम में पानी उपलब्ध हो सके। साथ ही रहगीरों के लिए जल सेवा के भी प्रबंध किए गए। छात्राओं ने भी इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नियमित रूप से परिंडो एवं पानी की टंकी की देखभाल करने का संकल्प लिया।