67 लाख की हेराफेरी का आरोपी उड़ीसा से गिरफ्तार, परसुडीह पुलिस की बड़ी कामयाबी
दो साल तक कंपनी को लगाता रहा चूना, आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आया आरोपी
जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में 67 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी लेजारों बारीक को उड़ीसा से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को आर्थिक अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी लेजारों बारीक वर्ष 2010 से महेश एडिबल ऑयल कंपनी में कार्यरत था। कंपनी के मालिक राजेश अग्रवाल ने जब दुकान और बाजार के हिसाब-किताब की गहन जांच कराई, तब करोड़ों के कारोबार के बीच लाखों रुपये की गड़बड़ी सामने आई। जांच में पता चला कि आरोपी बाजार से ग्राहकों से पैसे वसूलने के बाद कंपनी में जमा नहीं करता था और लगातार यह कहकर प्रबंधन को गुमराह करता रहा कि संबंधित ग्राहकों से भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 से 2024 के बीच आरोपी ने इसी तरीके से करीब 67 लाख 59 हजार रुपये की हेराफेरी कर डाली। मामला सामने आने के बाद परसुडीह थाना में धारा 420, 406 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। केस दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर परसुडीह पुलिस ने उड़ीसा के बारगढ़ जिले में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आर्थिक अपराध पर पुलिस की सख्ती जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किसी भी संस्थान में वित्तीय पारदर्शिता और नियमित ऑडिट कितना जरूरी है। वर्षों तक कंपनी में भरोसे के साथ काम करने वाले कर्मचारी द्वारा इतनी बड़ी रकम का गबन करना चिंता का विषय है। वहीं, पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि कानून से बचना आसान नहीं है।
लोगों में चर्चा का विषय बना मामला
जमशेदपुर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे भरोसे के साथ धोखा और आर्थिक अपराध का बड़ा उदाहरण मान रहे हैं। व्यापारिक संस्थानों में अब कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और वित्तीय लेन-देन पर अधिक निगरानी रखने की जरूरत महसूस की जा रही है।