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डीजल की बढ़ती कीमतों से एसटी पर संकट, किराया बढ़ाने के संकेत

मुंबई: सूत्र
महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रही डीजल कीमतों का असर अब राज्य परिवहन सेवा यानी एसटी महामंडल पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ती ईंधन लागत के कारण महामंडल पर करीब 125 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के बयान के बाद एसटी बस किराए में बढ़ोतरी की चर्चा तेज हो गई है।
मंत्री सरनाईक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हालात को देखते हुए कुछ कठिन फैसले लेना जरूरी हो सकता है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और एसटी महामंडल को चलाने के लिए आर्थिक संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बन चुका है।
उन्होंने बताया कि एसटी में करीब एक लाख कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनका वेतन देना और रोजाना हजारों बसों का संचालन करना आसान नहीं है। राज्यभर में 14 हजार से अधिक एसटी बसें यात्रियों को सेवा दे रही हैं, जिनके संचालन पर भारी खर्च आता है।
सरनाईक ने यह भी कहा कि महिलाओं को मिलने वाली किराया छूट, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों की मुफ्त यात्रा जैसी योजनाओं का खर्च राज्य सरकार उठाती है। इसके बावजूद महामंडल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है।
भविष्य की योजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2035 तक एसटी की सभी बसों को इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसों की खरीद बढ़ाई जाएगी और राज्यभर में करीब 200 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
अब सवाल यह उठ रहा है कि बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच क्या सरकार एसटी यात्रियों पर किराया बढ़ोतरी का बोझ डालेगी या फिर कोई दूसरा रास्ता निकाला जाएगा। फिलहाल परिवहन मंत्री के संकेतों ने यात्रियों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

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