तीन साल की उम्र में पिता ने छोड़ दिया।
एक शादीशुदा बड़े नेता को उनकी नर्स मां से प्रेम हो गया।
तीन साल की उम्र में पिता ने छोड़ दिया।
एक शादीशुदा बड़े नेता को उनकी नर्स मां से प्रेम हो गया।
पूरी सिनेमाई जिंदगी। फिर 38 साल की उम्र में साइलेंट किलर ने खत्म कर दिया।
13 मई 2026। सुबह 6:30 बजे।
लखनऊ के सिविल अस्पताल में एक शख्स को लाया गया।
डॉक्टरों ने देखा।
और मृत घोषित कर दिया।
यह प्रतीक यादव थे।
38 साल के। दो बेटियों के पिता।
वो इंसान जिसने जिंदगी के हर उतार-चढ़ाव को अपनी शर्तों पर जिया।
Scene 1 तीन साल का बच्चा।
फर्रुखाबाद। 1987।
साधना एक नर्स।
पति चंद्रप्रकाश गुप्ता ने छोड़ दिया।
1990 में तलाक हो गया।
एक बच्चे की दुनिया सिर्फ मां तक सिमट गई।
Scene 2 एक नर्स ने एक जिंदगी बचाई।
मुलायम सिंह यादव की मां मूर्ति देवी बीमार पड़ीं।
एक नर्स गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी।
साधना वहां थीं।
उन्होंने रोक दिया।
मूर्ति देवी की जान बची।
शादीशुदा राजनेता मुलायम ने साधना को देखा।
प्रेम हो गया। एक रिश्ता बना।
2007 में शादी हुई।
और उसी साल मुलायम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दिया
'साधना गुप्ता मेरी पत्नी हैं। और प्रतीक मेरा बेटा।'
Scene 3 वो लड़का जो राजनीति से दूर रहा।
सिटी मोंटेशरी स्कूल। लखनऊ यूनिवर्सिटी। बी कॉम।
फिर यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स, यूके। एमबीए।
वापस आए।
मुलायम चाहते थे राजनीति में आएं।
आजमगढ़ से पोस्टर्स लगे। नारे लगे।
पर प्रतीक ने कहा
'मेरा चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं।'
वो बिजनेसमैन बनना चाहते थे।
2012 में रियल एस्टेट में उतर गए।
16 कंपनियां। लखनऊ। गाजियाबाद। नोएडा।
Scene 4 प्यार और एक भव्य शादी।
एक दोस्त की बर्थडे पार्टी ।
अपर्णा बिष्ट मिलीं।
ईमेल आईडी एक्सचेंज हुए।
8-10 साल की दोस्ती।
2011 में सैफ़ई में शाही शादी।
अमिताभ बच्चन। जया बच्चन। अनिल कपूर।
प्रतीक ने उस दिन पूरी दुनिया जीत ली थी।
Scene 5 पिता का चैलेंज और 103 किलो।
प्रतीक का वजन 103 किलो हो गया था।
मुलायम सिंह ने देखा।
बोले 'वजन कम करो। बड़ा इनाम मिलेगा।'
प्रतीक ने चैलेंज स्वीकार किया।
36 किलो घटाए।
जिम का शौक लग गया। लखनऊ के गोमती नगर में जिम खोला।
Lamborghini Huracn खरीदी दिसंबर 2016 में।
5 करोड़ 23 लाख की।
यूपी में पहले ऐसे शख्स जिनके पास लैमबर्गिनी गाड़ी थी।
Scene 6 वो आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट।
3 अप्रैल 2026।
प्रतीक ने लिखा
'इंजन दहाड़ उठा, आसमान ने रास्ता दिया और मैंने पूरी तरह कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया।'
यह उनका आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट थी।
और फिर 30 अप्रैल को
लखनऊ एयरपोर्ट पर चलते-चलते गिर पड़े।
मेदांता अस्पताल ले जाए गए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टरों ने डायग्नोस किया
प्रतीक जिम जाते थे। बॉडी बिल्डिंग करते थे।
पर पिछले 6 महीने से तनाव और एंग्जाइटी के कारण जिम छूट गया था।
और बॉडी का वो कम मूवमेंट खून को गाढ़ा करता गया।
पल्मोनरी एम्बोलिजम।
फेफड़ों की धमनियों में खून का थक्का।
इलाज शुरू हुआ।
पर 3 मई को बिना डॉक्टर्स की इजाजत के प्रतीक घर चले गए।
5 मई को डीवीटी की सर्जरी हुई।
6 मई को डिस्चार्ज ।
घर पर रहे। कम से कम लोगों से मिले।
13 मई की रात या सुबह तड़के सब खत्म हो गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार
फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने से दिल और सांस की प्रक्रिया अचानक बंद हुई।
केजी एमयू के डॉ वेद प्रकाश कहते हैं
'मैसिव पल्मनरी एमबोलिजम में 50% मरीजों की मौत हो जाती है। इनमें से 11% की मौत सिर्फ एक घंटे में।'
और वो एक सबसे जरूरी बात
'इलाज अधूरा छोड़ना इस बीमारी में सबसे बड़ी गलती है।'
वह फिट थे। एक्टिव थे।
पर जो साइलेंट किलर था उसे नजरअंदाज करते रहे।
प्रतीक जिम जाते थे। बॉडी बिल्डिंग करते थे।
पर पिछले 6 महीने से तनाव और एंग्जाइटी के कारण जिम छूट गया था।
और बॉडी का वो कम मूवमेंट खून को गाढ़ा करता गया।
पल्मोनरी एम्बोलिजम वो साइलेंट किलर
जिसके बारे में हम जानते नहीं।
इसके लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
अचानक सांस फूलना।
सीने में दर्द।
एक पैर में सूजन या दर्द।
खांसी में खून।
चक्कर आना।
यह वार्निंग साइन हैं। एमरजेंसी हैं।
और सबसे ज़रूरी बात
अगर डॉक्टर ने अस्पताल में रहने को कहा है तो रहें।
प्रतीक अगर रहते शायद आज होते।
उनका जीवन एक अधूरी फिल्म की तरह था।
3 साल में पिता गए।
20 साल में मुलायम ने बेटा माना। संपत्ति में अधिकारी दिया।
24 साल में यूके में एमबीए।
25 में बिजनेस शुरू।
10 साल की दोस्ती के बाद प्यार। शादी।
और फिर वो सब जो जिंदगी में आता है
खुशी। तकलीफ। डिवोर्स का ऐलान। सुलह।
जनवरी 2026 में प्रतीक और उनकी पत्नी अपर्णा, जो कि राजनीति में सक्रिय हो गईं। पारिवारिक पार्टी समाजवादी पार्टी की जगह भारतीय जनता पार्टी में चली गईं।
दोनों के रिश्तों में गंभीर कड़वाहट सार्वजनिक रूप से सामने आई थी।
प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से कुछ पोस्ट शेयर की थीं, जिसमें उन्होंने अपर्णा पर उनके पारिवारिक संबंधों को तोड़ने का आरोप लगाया था।
उन्होंने अपर्णा को 'स्वार्थी' और 'प्रभावशाली बनने की चाह रखने वाली' बताते हुए जल्द से जल्द तलाक लेने की इच्छा जाहिर की थी।
गंभीर मानसिक तनाव की बात कही थी। हालांकि, अपर्णा के परिवार की तरफ से तब यह दावा भी किया गया था कि प्रतीक का अकाउंट हैक हुआ था।
'ऑल इज वेल' और सुलह
इस विवाद के महज कुछ ही दिनों बाद (लगभग 28 जनवरी को) प्रतीक यादव ने अपनी सभी पुरानी पोस्ट डिलीट कर दी थीं।
प्रतीक ने अपर्णा के साथ एक नया वीडियो और संदेश पोस्ट करते हुए साफ किया कि उनके बीच का आपसी मतभेद सुलझ गया है।
उन्होंने बताया कि राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण अपर्णा अक्सर बाहर रहती हैं, लेकिन परिवार में सब ठीक ('ऑल इज वेल') है।
'हम चैंपियंस का परिवार हैं।'
38 साल में अचानक ऊपर वाले का बुलावा।
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आप सबसे निवेदन
आपके घर में यदि कोई है जो डॉक्टर की एडवाइज को हल्के में लेता है?
जो कहता है 'ठीक हो जाएगा। अस्पताल नहीं जाना।'
उन्हें प्रतीक की खबर से सीख लेनी चाहिए।
एक जिंदगी बच सकती थी। सही चिकित्सा, समय पर चिकित्सा जान बचा सकती है।
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स्रोत: Dainik Bhaskar, KGMU Dr. Ved Prakash, Medanta Lucknow 13-14 मई 2026
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