रीवा: बरगद पेड़ की पूजा में महिलाएं बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं
रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गांवों में बरगद के पेड़ की पूजा को लेकर महिलाओं में गहरी आस्था देखी जा रही है। हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ को त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का निवास माना जाता है। इसकी पूजा अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख-शांति के लिए की जाती है। महिलाएं पेड़ के तने पर कच्चा सूत या कलावा बांधती हैं और 11 या 21 बार परिक्रमा लगाकर वैवाहिक जीवन की मिठास और स्थिरता की कामना करती हैं।
बरगद के पेड़ की पूजा वट सावित्री व्रत से जुड़ी है, जहां माता सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस पाने के लिए इसी पेड़ के नीचे उपवास किया था। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह पेड़ पर्यावरण को शुद्ध रखने में सहायक है क्योंकि यह प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ता है। लोगों में पेड़ों के प्रति लगाव बढ़ाने के लिए उन्हें धार्मिक महत्व दिया गया है ताकि पेड़ों की कटाई रोकी जा सके।