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हसीना बेगम मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल विवाद ने पकड़ा तूल, डॉक्टर ने लगाई सुरक्षा की गुहार अमर आनंद/इरशाद हुसैन सम्भल। नगर के हसीना बेगम मल्टी स्पेशलिटी

हसीना बेगम मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल विवाद ने पकड़ा तूल, डॉक्टर ने लगाई सुरक्षा की गुहार

अमर आनंद/इरशाद हुसैन
सम्भल। नगर के हसीना बेगम मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल से जुड़े एक करोड़ रुपये से अधिक के विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। डॉक्टर तौसीफ अहमद ने अस्पताल संचालक मोहम्मद कासिम उर्फ कासिम सेठ और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर का कहना है कि पिछले दो वर्षों से उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
डॉ. तौसीफ अहमद ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका और अस्पताल संचालक कासिम सेठ के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। उनके अनुसार पहले उनके खिलाफ सिविल मुकदमा दायर किया गया और बाद में दबाव बनाने के उद्देश्य से क्रिमिनल केस दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि मामला वर्तमान में अदालत में विचाराधीन है और इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत भी की जा चुकी है।
डॉक्टर ने आरोप लगाया कि उन्हें कोतवाली सम्भल बुलाकर अभद्र व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि कोतवाल उन्हें हिसाब-किताब देखने के लिए अस्पताल लेकर गए, जहां विवाद और बढ़ गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पूरी घटना गलतफहमी का परिणाम थी और कोतवाल ने अपनी गलती पर अफसोस जताया है।
डॉ. तौसीफ ने अस्पताल संचालक कासिम सेठ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें लगातार झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने जैसी धमकियां दी जाती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्रक चढ़वा दूंगा जैसी धमकियां भी कई बार दी गईं। डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने हर बार कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और पुलिस व प्रशासन के सामने उपस्थित होते रहे हैं।
डॉक्टर ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि उन्हें मिल रही धमकियों से संरक्षण दिया जाए और पूरे विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि वे अपने मेडिकल पेशे पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
वहीं दूसरी ओर अस्पताल संचालक मोहम्मद कासिम की तहरीर पर कोतवाली सम्भल में डॉ. तौसीफ अहमद और डॉ. मसूद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि मेडिकल प्रोफेशनल सर्विस एग्रीमेंट तोड़कर अस्पताल को एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया गया। साथ ही गोपनीय दस्तावेज लीक करने की धमकी और करीब 98 लाख रुपये के गबन के आरोप भी लगाए गए हैं।
अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि डॉक्टरों ने प्रतिस्पर्धी अस्पतालों के साथ मिलकर कार्य किया और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और न्यायालय इस हाईप्रोफाइल विवाद में आगे क्या कदम उठाते हैं।

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