आंधी-तूफान में गिरे पोल से गांव में अंधेरा, आधे गांव में बिजली चालू होने पर उठे सवाल
आंधी-तूफान में गिरे पोल से गांव में अंधेरा, आधे गांव में बिजली चालू होने पर उठे सवाल
शहाबगंज (चंदौली):
जिला चंदौली के शहाबगंज क्षेत्र अंतर्गत राममाड़ो फीडर से जुड़े ग्राम साड़ी मुरकौल में 13 मई 2026 को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। तूफान के दौरान कई स्थानों पर बिजली के पोल गिर गए, जिसके चलते पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, घटना के दो दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। आरोप है कि विभागीय लापरवाही के चलते पूरे गांव में बिजली बहाल नहीं हो पाई, जबकि दबाव में आकर संबंधित जेई द्वारा केवल आधे गांव में ही बिजली चालू करा दी गई है। इससे गांव के शेष हिस्से के लोग अब भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
बताया जा रहा है कि 14 मई की रात लगभग 9 बजे जेई अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और एक स्थान से गिरे पोल को हटाने का प्रयास किया। इस दौरान किसी के दरवाजे के पास से पोल हटाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि विवाद के दौरान जेई ने नाराजगी जताते हुए लोगों को चेतावनी दी कि उन्हें 1-2 सप्ताह तक अंधेरे में ही रहना पड़ सकता है।
इसके बाद अगले दिन सुबह यह देखने को मिला कि गांव के कुछ हिस्सों में बिजली बहाल कर दी गई है, जबकि बाकी क्षेत्र अब भी अंधेरे में डूबा हुआ है। इस भेदभावपूर्ण कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने बिजली विभाग से निष्पक्ष रूप से पूरे गांव में बिजली बहाल करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि सभी को समान रूप से बिजली सुविधा मिल सके।