विकसित भारतजी राम जी अधिनियम 2025: ग्रामीण भारत में रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय 1 जुलाई 2026 से शुरू
रायपुर। ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने विकसित भारतजी राम जी अधिनियम 2025 को स्वीकृति दे दी है। यह अधिनियम 1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू होगा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के कायाकल्प का अभियान बताते हुए कहा कि यह अधिनियम सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों की खुशहाली का नया दौर है।
125 दिनों की रोजगार गारंटी: ग्रामीण परिवारों के लिए सुरक्षा कवच
अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यह व्यवस्था ग्रामीण आय में वृद्धि के साथ-साथ आजीविका सुरक्षा को और मजबूत करेगी।
सरकार का दावा है कि इससे गाँवों में कार्यबल को नियमित रोजगार मिलेगा तथा ग्रामीण पलायन में बड़ी कमी आएगी।
ऐतिहासिक बजट: 95,692.31 करोड़ का प्रावधान
वित्तीय वर्ष 202627 के लिए सरकार ने इस अधिनियम के लिए 95,692.31 करोड़ का रिकॉर्ड बजट रखा है। कुल परिव्यय 1.51 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।
इस राशि का बड़ा हिस्सा ग्रामीण बुनियादी ढाँचा निर्माण, जल संरक्षण और कृषि सुधारों पर खर्च होगा।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, यह ग्रामीण उत्पादकता बढ़ाने और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।
मजदूरी सीधे खाते में: पारदर्शिता पर फोकस
मजदूरी का भुगतान अब DBT के जरिए सीधे बैंक/डाकघर खातों में किया जाएगा।
सरकार ने साप्ताहिक भुगतान या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया है।
देरी होने पर मजदूरों को 'विलंब क्षतिपूर्ति' भी दी जाएगी।
सरल पंजीकरण और बेरोजगारी भत्ता
काम उपलब्ध न होने की स्थिति में ग्रामीण श्रमिकों को कानूनन बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
मौजूदा ई-KYC सत्यापित जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे जब तक नए जॉब कार्ड जारी नहीं किए जाते। पंजीकरण की प्रक्रिया ग्राम पंचायत स्तर पर और अधिक सरल व सुलभ की गई है।
गाँवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण भारत को समृद्ध, उत्पादक और आत्मनिर्भर बनाने की व्यापक पहल है।
उनके अनुसार, यह कानून ग्रामीण ढांचे, खेती-किसानी, जल संरक्षण और रोजगार को नई गति देने वाला साबित होगा।
विकसित भारतजी राम जी अधिनियम 2025, विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अधिनियम जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू होता है, तो ग्रामीण भारत की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है।