अरथूना में कथित धर्मांतरण को लेकर हंगामा, ग्रामीणों ने आरोपी को पुलिस को सौंपा
अरथूना | अब्दुल कमाल की रिपोर्ट
बांसवाड़ा जिले की अरथूना पंचायत समिति क्षेत्र की आजना पंचायत में कथित धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने एक व्यक्ति पर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, बीती रात आजना निवासी हिमांक शर्मा, हिमांशू मकवाना और राज मकवाना गांव के पीपली चौक में बैठे हुए थे। इसी दौरान पास में स्थित किशोर भाटिया के घर से तेज आवाजें सुनाई दीं। संदेह होने पर तीनों युवक मौके पर पहुंचे, जहां कथित रूप से एक व्यक्ति हाथ में बाइबिल लेकर लोगों को ईसाई धर्म के बारे में बता रहा था।
ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त व्यक्ति हिंदू भगवान राम और हनुमानजी के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहा था तथा वहां मौजूद लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा था। विरोध के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और आरोपी को पकड़कर अरथूना थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सुभाष चंद्र निवासी पंजाब बताया। ग्रामीणों के अनुसार उसके पास से दो बाइबिल और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। मोबाइल में कथित रूप से कई कार्यक्रमों के वीडियो और फोटो मिलने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का दावा है कि फोन की जांच में अन्य गांवों से जुड़े तथ्यों का भी खुलासा हो सकता है।
ग्रामीणों ने परतापुर निवासी आनंद भाटिया पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह कथित रूप से इस पूरे मामले में एजेंट की भूमिका निभा रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने अरथूना थानाधिकारी विनोद मीणा से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कुलदीप पंड्या, डॉ. बलवीर खांट, तेजस दर्जी, अमित दोषी, रितिक पाटीदार, हर्ष सिंह, राजमीत, मार्शल पंड्या, गगन, संदीप, जयदीप और रोशन कलाल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।
News Source: स्थानीय ग्रामीणों की जानकारी / अरथूना थाना क्षेत्र / अब्दुल कमाल रिपोर्ट
Disclaimer: यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा दी गई जानकारी और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के दावों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने तक किसी भी व्यक्ति को कानूनन आरोपी माना जाए।