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असम में विकास और विरासत विजन के तहत बड़े विकास परियोजनाओं की समीक्षा :-

असम के मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही कई महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना, ऊर्जा, तीर्थ पर्यटन और निवेश परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। यह समीक्षा राज्य सरकार के व्यापक विकास और विरासत विजन के तहत की गई। ऊर्जा क्षेत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष असम में बिजली की अधिकतम मांग लगभग २,९५० मेगावाट थी, जो इस गर्मी में बढ़कर लगभग ३,१०० मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निर्बाध २४७ बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है और राज्य की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों को सख्त अनुपालन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने थर्मल, सौर और पंप-स्टोरेज ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में असम को पावर सरप्लस राज्य के रूप में विकसित करना है, ताकि भविष्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके। मां कामाख्या एक्सेस कॉरिडोर परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकांश कानूनी अड़चनें अब दूर हो चुकी हैं और जल्द ही कार्य में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं और सुगम तीर्थ अनुभव सुनिश्चित करना है। वहीं एडवांटेज असम २.० पहल की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग ५ लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से ६० प्रतिशत से अधिक परियोजनाएं अब क्रियान्वयन के उन्नत चरण में पहुंच चुकी हैं। कई परियोजनाएं पहले ही शुरू भी हो चुकी हैं। उन्होंने इन निवेशों को असम की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए संभावित गेम चेंजर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है, ताकि असम को आर्थिक रूप से मजबूत, ऊर्जा सुरक्षित और पर्यटन के क्षेत्र में अधिक आकर्षक बनाया जा सके।

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