पवन खेड़ा से क्राइम ब्रांच की घंटे तक मैराथन पूछताछ. 25 मई को फिर होना होगा उपस्थित, राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल:-
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से बुधवार को क्राइम ब्रांच ने लगभग आठ घंटे तक लंबी और गहन पूछताछ की। यह पूछताछ एक चल रही जांच के संबंध में की गई, जिसने राज्य के राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। सुबह से शुरू हुई यह प्रक्रिया देर शाम तक चली, जिसके दौरान क्राइम ब्रांच कार्यालय के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी। मीडिया कर्मियों, कांग्रेस समर्थकों तथा आम लोगों की भीड़ के कारण पूरे क्षेत्र में लगातार हलचल बनी रही। सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारियों ने पवन खेड़ा से उनके विभिन्न सार्वजनिक बयानों, डिजिटल संचार, सोशल मीडिया गतिविधियों, कथित दस्तावेजों तथा मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर विस्तृत सवाल-जवाब किए। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने कई तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी सामने रखकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि पूछताछ के दौरान पवन खेड़ा अपने पहले के रुख पर कायम रहे और उन्होंने जांच में सहयोग करने की बात दोहराई। क्राइम ब्रांच कार्यालय से बाहर निकलने के बाद मीडिया ने जब उनसे लगातार सवाल पूछे, तब भी उन्होंने कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया नहीं दी। उनके मौन को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव और प्रतिशोध की राजनीति से जोड़कर देखा है, जबकि जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पूरे दिन क्राइम ब्रांच कार्यालय परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ आने-जाने वालों की निगरानी भी बढ़ा दी गई थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आगे भी पूछताछ की जानी बाकी है। इसी क्रम में पवन खेड़ा को आगामी मई को दोबारा क्राइम ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि अगली पूछताछ में जांच एजेंसी कुछ नए तथ्यों और तकनीकी जानकारियों के आधार पर उनसे और विस्तृत सवाल कर सकती है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक संवेदनशील तथा चर्चित रूप ले सकता है।