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प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण वातावरण में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए केवल ऐकडेमिक शिक्षा पर्याप्त नहीं-कुलपति प्रो सुदेश

खानपुर कलां -15 मई। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में आज प्रेम रावत फ़ाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल ने दौरा कर शांति शिक्षा कार्यक्रम को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने को लेकर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में प्रेम रावत फाउंडेशन से डॉ. अविनाश शर्मा, श्री दीपक, सुश्री प्रियंका एवं श्री प्रदीप नेगी शामिल रहे। इस अवसर पर आयोजित औपचारिक बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुदेश ने की। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जानकारी देते हुए बताया कि शांति शिक्षा कार्यक्रम विश्व प्रसिद्ध शांति दूत श्री प्रेम रावत द्वारा विकसित एक गैर-धार्मिक एवं गैर-सांप्रदायिक पहल है, जो वर्तमान में 80 से अधिक देशों में संचालित की जा रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता, मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास एवं भावनात्मक बुद्धिमत्ता का विकास करना है, ताकि विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सामना कर सकें।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुदेश ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण वातावरण में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए केवल ऐकडेमिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक एवं नैतिक सशक्तिकरण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं में सकारात्मक सोच, आत्म-अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कुलसचिव प्रो शिवालिक यादव ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं के समग्र विकास, नैतिक मूल्यों एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होंगे। साथ ही यह पहल विश्वविद्यालय की संस्थागत सर्वोत्तम प्रथाओं एवं मूल्य आधारित शिक्षा प्रणाली को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।बैठक में शांति शिक्षा कार्यक्रम को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के जीवन कौशल दिशा-निर्देशों एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम के रूप में प्रारंभ करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकाधिक छात्राओं तक इस कार्यक्रम की पहुँच सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में विश्वविद्यालय के विधि विभाग में उक्त संस्था द्वारा आयोजित इस मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम को छात्राओं एवं शिक्षकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। छात्राओं ने इसे शैक्षणिक तनाव कम करने, आत्म-संतुलन बनाए रखने तथा मानसिक शांति प्राप्त करने में उपयोगी बताया था, वहीं शिक्षकों ने छात्राओं की सहभागिता एवं सकारात्मक वातावरण का अनुभव किया था। कार्यक्रम की रूपरेखा विश्वविद्यालय के निदेशक जनसंपर्क लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल बल्हारा ने रखी।
फोटो कैप्शन :-01 कुलपति प्रो सुदेश के साथ संवाद करते प्रेम रावत फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।

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