एक सप्ताह पहलेतक25रुपएकिलोतकबिकनेवालेतरबूज10से12रुपएकिलोबिकरहाहै।
*एक सप्ताह पहले तक 25 रुपए किलो तक बिकने वाले तरबूज 10 से 12 रुपए किलो बिक रहा*
*खैरथल मंडी में तरबूज और खरबूज के दामों में गिरावट*
खैरथल हीरालाल भूरानी
लगातार बढ़ रहे तापमान के बीच लोगों को राहत देने वाले सीजनल फलों की मंडी में बंपर आवक हो रही है। खासकर ताइवानी तरबूज और खरबूज की भरपूर सप्लाई के चलते इनके दामों में एक सप्ताह के भीतर 10 से 15 रुपए प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है।
फल कारोबारियों नवीन,नरेश कुमार,संजय कुमार, ब्रह्मदास और सज्जन मल ने बताया कि खैरथल मंडी में प्रतिदिन 50 टन से अधिक ताइवानी तरबूज और खरबूज पहुंच रहे हैं। आवक बढ़ने से एक सप्ताह पहले तक 20 से 25 रुपए किलो बिकने वाले खरबूज अब 12 से 15 रुपए किलो तक बिक रहे हैं। वहीं तरबूज के भाव घटकर 10 से 12 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। इसी प्रकार पहले 70 रुपए किलो तक बिकने वाला सफेदा आम अब 40 से 50 रुपए किलो के भाव में उपलब्ध है। कारोबारियों के अनुसार आम की आवक गुजरात और हैदराबाद से हो रही है, जबकि तरबूज और खरबूज की सप्लाई अब स्थानीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है। इससे मंडी में स्टॉक भरपूर बना हुआ है और कीमतों में तेजी से गिरावट आई है।
*कम पानी में बेहतर उत्पादन दे रहा है ताइवानी तरबूज*
किसानों के अनुसार ताइवानी तरबूज का बीज ताइवान का है और इसकी खेती किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है। किसान कैलाश चौधरी और विक्रम सिंह ने बताया कि ड्रिप सिस्टम से इसकी खेती करने पर 50 से 60 प्रतिशत तक कम पानी में अच्छी पैदावार मिल जाती है। इससे मजदूरी, समय और लागत तीनों की बचत होती है। किसानों का कहना है कि ताइवानी तरबूज स्वाद में देसी तरबूज से अधिक मीठा होता है तथा इसमें पानी कम व मिठास ज्यादा होती है।
*सब्जियों के दामों में भी गिरावट*
फलों के साथ-साथ स्थानीय सब्जियों की आवक बढ़ने से सब्जियों के दामों में भी गिरावट आने लगी है। मंडी में ग्वार फली, मिर्च और भिंडी की नई फसल पहुंच रही है। व्यापारियों के अनुसार अप्रैल की शुरुआत में 50 रुपए किलो तक बिकने वाली मिर्च अब 10 से 15 रुपए किलो तक पहुंच गई है। वहीं 40 रुपए किलो बिकने वाली भिंडी भी एक महीने में 25 रुपए सस्ती होकर 15 रुपए किलो तक बिक रही है। इसके अलावा टमाटर, ककड़ी और लौकी की स्थानीय फसल भी मंडी में आने लगी है।