मोन रहकर भी बहुत कुछ पूछ लिया और बता भी दिया....
आज के क्रमिक अनशन में आदरणीय विपिन नेगी जी का हम सभी की ओर से हृदय से आभार।विपिन जी आज मौन हैं , लेकिन उनका मौन भी बहुत कुछ कह रहा है.... आपका शांत चेहरा, आपकी आँखें और आपका संघर्ष पहाड़ का दर्द साफ़ बयां कर रहा है
हम आपके त्याग, समर्पण और पहाड़ प्रेम को नमन करते हैं।ऐसे ही लोगों की वजह से यह आंदोलन जीवित है और जनमानस तक पहुँच रहा है।
हम सबको विश्वास है उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनकर जरूर रहेगी।
जय भारत जय उत्तराखंड जय गैरसैंण