बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में नहीं मिलता भरपेट चारा नहीं मिलता और गाय माता पर किया जा रहा है अत्याचार
बेसहारा पशुओं के लिए नगर पंचायत पाली गुर्जर ग्राम पनियाला क्षेत्र में बनी तीन गोशाला में से एक गोशाला अव्यवस्थाओं से जूझ रही है। गर्मी में सूखा भूसा, नाम मात्र को हरा चारा व समय पर पानी न मिलने पर गायों हालत बिगड़ रही है।मा० शहरी विकास मन्त्री श्री प्रेमचन्द अग्रवाल जी के आदेश पर बेसहारा गोवंशीय पशुओं के लिए गोशालाएं बनाई गई। गौशाला बनाने का बजट एक करोड़19 लाख जो पहले से ही बनी होती उसका कुछ कार्य का निर्माण पूरा भी नहीं हो पाया था और पेपर में लिपट कर रह गया नगर पंचायत पाडली गुर्जर ग्राम पनियाला क्षेत्र के गांव के द्वारा निर्माण कराया गया था गांव वहांपुर में गोशाला में 170 पशु भी बंधे हैं, लेकिन शासन की गाइड लाइन के हिसाब से उसकी देखरेख नहीं हो रही है।गोशाला की चार दीवारी का निर्माण पहले ही हो गया, लेकिन गर्मी से पशुओं का बुरा हाल है। उसके खाने में नाम मात्र को ही हरा चारा मिलाया जाता है। अन्यथा सूखे भूसे से ही खानापूर्ति की जा रही है। वहीं सादातबाडी में स्थित गोशाला में 170 पशु है। वहां पशुओं का भूसा स्टोर भी बना है। पेड़ भी नहीं जहां पर पशु गर्मी से राहत महसूस कर सकते हैं। गांव पाठकपुर की गोशाला में 170 पशु हैं। जिन्हें गर्मी से बचाने के लिए टीन शेड, बाउंड्री वॉल भी बनी है। पानी के लिए समरसेबिल भी लगा है। बावजूद इसके उन्हें खाने के लिए भरपेट चारा नहीं मिलता। विदित हो कि पशुओं के लिए पनियाला गांवों में बनी गोशालाओं में पशु के खानपान को शासन द्वारा प्रति पशुओं को एक टाइम का चारा ही मिलता है। ऐसे में भला पशु कैसे सेहतमंद हो पाएग। उन्हें पोषक आहार नहीं मिल पा रहा है। वही कारण है कि गौशालाओं की देख रेख करने वाले सूखा भूसा व मामूली सा हरा चारा खिला रहे है।