महंगाई की मार : पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोतरी।महंगाई से जूझती जनता की जेब पर फिर से पढ़ी एक और मार।
मिडिल ईस्ट में जारी संकट और पांच राज्यों के इलेक्शन के बाद एक बार फिर महंगाई की मार आम आदमी की जेब पर पड़ी है।कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों में हुई कीमत की बढ़ोतरी के बाद अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इजाफा हो गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में 3.29 रुपये तक की बढ़ोतरी की है।दिल्ली में सीएनजी पर भी 2 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है।मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद लंबे समय से स्थिर बनी हुई पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 प्रति लीटर से अधिक की बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। ईंधन के दामों में अचानक आए इस उछाल ने आम आदमी के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। महानगरों में अब सफर करना पहले के मुकाबले कहीं अधिक महंगा हो गया है।
बीते दो महीने से पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जो उछाल आया है, उसे पूरी तरह वसूलने के लिए यह बढ़ोतरी अभी पर्याप्त नहीं है। मौजूदा वृद्धि उस घाटे की केवल 10 प्रतिशत भरपाई कर पा रही है, जो तेल कंपनियों को वैश्विक संकट के कारण उठाना पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी संकट ने शिपमेंट को बाधित किया है, जिसका सीधा असर भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे में भविष्य में कीमतों में और इजाफे की संभावना बनी हुई है।