logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

Leading from the Front : पीएम मोदी की कार्यशैली पर फिर छिड़ी चर्चा

देश की राजनीति में भाषण और वादों की कमी नहीं रही है, लेकिन प्रधानमंत्री Narendra Modi की कार्यशैली को लेकर अक्सर यह चर्चा होती रही है कि वे केवल अपील नहीं करते, बल्कि खुद उदाहरण प्रस्तुत करने की कोशिश भी करते हैं। हाल के दिनों में पेट्रोल-डीजल बचत को लेकर की गई उनकी अपील के बाद यह बहस फिर तेज हो गई है।

कोविड-19 महामारी के दौर को याद करें, जब पूरे देश में वैक्सीन को लेकर तरह-तरह की अफवाहें और डर का माहौल था। उस समय कई लोग टीका लेने से हिचकिचा रहे थे। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सार्वजनिक रूप से वैक्सीन लगवाकर लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि टीका सुरक्षित है। इसके बाद देशभर में वैक्सीनेशन अभियान को गति मिली और करोड़ों लोगों का भरोसा मजबूत हुआ।

अब एक बार फिर ईंधन बचत और आत्मनिर्भरता को लेकर प्रधानमंत्री की अपील चर्चा में है। बताया जा रहा है कि उन्होंने खुद अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर सादगी और ईंधन बचत का संदेश देने की पहल की है। समर्थकों का कहना है कि यह केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि जो कहो, वही करो वाली कार्यशैली का उदाहरण है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी बड़े नेता की अपील तभी ज्यादा प्रभाव छोड़ती है, जब वह खुद भी उसी नियम का पालन करता दिखाई दे। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी के समर्थक उनकी शैली को Leading from the Front बताते हैं। यानी ऐसा नेतृत्व, जिसमें नेता सबसे आगे खड़े होकर उदाहरण पेश करता है।

हालांकि विपक्ष इस तरह की पहलों को प्रतीकात्मक राजनीति भी बताता रहा है, लेकिन यह भी सच है कि आम जनता पर ऐसे संदेशों का मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है। जब देश का शीर्ष नेतृत्व खुद अनुशासन और सादगी का प्रदर्शन करता है, तो प्रशासनिक व्यवस्था और आम नागरिकों के बीच भी उसका प्रभाव देखने को मिलता है।

अब यह बहस सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंच चुकी है कि क्या देश में नेतृत्व की यही शैली जनता के बीच भरोसा पैदा करती है, या इसे केवल राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जाना चाहिए।

आपकी इस मुद्दे पर क्या राय है? क्या नेताओं को केवल भाषण देने के बजाय खुद उदाहरण पेश करना चाहिए? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में जरूर बताएं।

7
2823 views

Comment