Hamas पर गंभीर आरोप: 7 अक्टूबर हमले में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा को बनाया गया हथियार
इज़रायल पर 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले को लेकर एक स्वतंत्र इज़रायली जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमास और उससे जुड़े सशस्त्र समूहों ने महिलाओं और बंधकों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से यौन हिंसा का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के अनुसार यह हिंसा केवल हमले तक सीमित नहीं थी, बल्कि अपहरण, गाजा ले जाने और कैद के दौरान भी जारी रही।
यह जांच Civil Commission on Crimes by Hamas Against Women and Children नामक संस्था ने करीब दो वर्षों तक की। रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं के खिलाफ जेंडर-बेस्ड हिंसा हमले की रणनीति का हिस्सा थी और इसे एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अक्टूबर के हमले में लगभग 5,000 से 6,000 लड़ाके जमीन, समुद्र और हवा के रास्ते इज़रायल में दाखिल हुए। इन हमलों में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई, जबकि 251 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया।
जांच के दौरान 430 लोगों से बातचीत की गई, जिनमें हमले से बचे लोग, प्रत्यक्षदर्शी, रिहा किए गए बंधक, डॉक्टर, राहतकर्मी और पीड़ित परिवार शामिल थे। इसके अलावा 10 हजार से अधिक तस्वीरों और वीडियो क्लिप की समीक्षा भी की गई।
रिपोर्ट में कई पूर्व बंधकों की गवाही शामिल है, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने अनुभव साझा किए। इनमें रोमी गोनेन, अमित सोसाना, अर्बेल यहूद और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। इन गवाहियों में कैद के दौरान यौन शोषण, प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
जांच रिपोर्ट में नोवा म्यूजिक फेस्टिवल का भी जिक्र है, जहां हमले के दौरान कथित तौर पर कई महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि उसने एक महिला की चीखें सुनीं, जिसके साथ कई लोगों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
7 अक्टूबर के हमले के बाद इज़रायल ने इसे अपने इतिहास का सबसे बड़ा नागरिक नरसंहार बताया और गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की। इज़रायल का कहना है कि उसने हमास के कई ठिकानों को नष्ट किया, हालांकि युद्ध के दौरान भारी नागरिक मौतों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी आलोचना भी हुई।