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संवेदनशील

माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी की अपील के पीछे कुछ नियंत्रित और खास कारण हैं।

8 मई से पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।

एक खुफ़िया रिपोर्ट उनके सामने रखी गई और वह चौंक गये।

हमारी दोनों सीमाओं पर विश्वसनीय स्तर पर सैन्य तैयारी हो रही है। इसका मुख्य संचालक अमेरिका है।

ISI बंगाल चुनाव के दौरान कोई बड़ा दुस्साहस करना चाहती थी, लेकिन अमेरिका ने यह कहकर रोक दिया कि इससे सहानुभूति की लहर बनेगी और ममता नहीं जीत पायेगी। जोखिम मत लो, अगर वह जीत जाये तो फ़िर उस आदमी पर वार करना।

आपको याद होगा कि पश्चिम बंगाल की जीत पर ट्रंप ने मोदी जी को बधाई दी थी, जबकि एक राज्य की जीत पर कोई देश बधाई नहीं देता है। तात्पर्य बहुत गहरा है।

आपरेशन सिंदूर-1 साफ़-सुथरा रहा क्योंकि चीन के उपकरण ज़रूरत के समय काम नहीं आये और भारतीय सिस्टम युद्ध में अच्छी तरह परखे हुए थे।

इसके बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को अपने हथियारों से भर दिया। अब आप पूछेंगे कि अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को हथियार बेचने की खबर कहाँ है?

यह सवाल वही लोग पूछते हैं जिनकी जानकारी का स्रोत सिर्फ़ टीवी और यूट्यूब के मसखरे हैं।

अमेरिका (CIA) ने जहाज़ों के ज़रिए सामान चीन भेजा और वहाँ से वह पाकिस्तान पहुँचा। ये हथियार खरीदे नहीं गये, बल्कि पाकिस्तान को दिये गये। इस सूची ने प्रधानमंत्री मोदी को झकझोर दिया। हमारी खुफ़िया एजेंसियों का धन्यवाद, जो मूर्खों की तरह नहीं सोचतीं और काम करती हैं।

इसलिये आपरेशन सिंदूर-2, आपरेशन सिंदूर-1 जैसा नहीं होगा। इसी वजह से मेरा तर्क है कि सबसे अच्छी तरह से की गयी तैयारी भी कभी-कभी कमज़ोर रह जाती है।

अब हमारे पास बेहतरीन एयर डिफ़ेंस सिस्टम (ADS) हैं, लेकिन अगर कुछ मिसाइलें या कामिकाज़े ड्रोन ADS से बचकर दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम, नोएडा या हमारे बड़े कारोबारी क्षेत्रों में गिर जायें और कुछ टावरों को नष्ट कर दें, तो क्या आप उसके दुष्परिणामों का अंदाज़ा लगा सकते हैं? और ज़्यादातर लोग टावरों में ही रहते या काम करते हैं।

"ऑपरेशन सिंदूर-2 की बातें करना आपको शानदार लगता है क्योंकि आप अपने बेडरूम से सोचते हैं, जबकि असली काम ज़मीन पर होता है।

टिहरी बांध चीन के निशाने पर है। एक बड़ा हमला और टिहरी से लेकर दिल्ली NCR तक सब पानी में डूब सकता है। यह उस सिंधु जल संधि (IWT) का बदला होगा जिसे हमने पाकिस्तान के साथ रद्द किया है।

अंत में

सोचिये, मोदी जी की अपील से कुछ घंटे पहले भारत को किसने चेतावनी दी थी? वह था आसिम मुनीर, जिसका बचपन का सपना भारत और हिंदुओं को मिटाना रहा है।

इसलिये आसिम मुनीर का बयान, जिसे अमेरिका के हथियारों और समर्थन का सहारा मिला हुआ है, मोदी जी के बदले हुए और चिंतित स्वर का मुख्य कारण था।

तो कृपया मूर्खों जैसी बकवास बंद करें। उनका प्रयास आपको सुरक्षित रखना है।

अगर युद्ध छिड़ गया, तो पेट्रोल पीना पड़ेगा।

सितंबर तक का समय बहुत संवेदनशील है।

पोस्ट- साभार

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