डीएम की बड़ी कार्रवाई: विकासनगर सब-रजिस्ट्रार अपूर्वा सिंह पर गिरी गाज, निलंबन की संस्तुति; अवैध रजिस्ट्रियों का महाघोटाला उजागर
देहरादून। भ्रष्टाचार और सरकारी कार्यों में भारी लापरवाही के खिलाफ जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा रुख अपनाते हुए विकासनगर की उप-निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) अपूर्वा सिंह के निलंबन की संस्तुति शासन को भेज दी है। जिलाधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में विकासनगर रजिस्ट्री कार्यालय में गंभीर अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का खुलासा हुआ है, जिसके बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
जिलाधिकारी के इस औचक छापे ने कार्यालय के भीतर चल रहे अवैध खेल की परतें खोल कर रख दी हैं। सबसे बड़ी अनियमितता माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए पाई गई, जहाँ प्रतिबंधित 'गोल्डन फारेस्ट' की भूमि पर 150 अवैध रजिस्ट्रियां कर दी गईं। जिलाधिकारी ने इन गैरकानूनी कार्यों को पकड़ते हुए स्पष्ट किया कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का मामला है। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में रिकॉर्ड प्रबंधन की जो स्थिति मिली, वह बेहद चौंकाने वाली थी।
वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक के सैकड़ों मूल विलेख पत्र (रजिस्ट्री दस्तावेज) कार्यालय में लावारिस और संदिग्ध स्थिति में डंप पाए गए, जिन्हें जिलाधिकारी ने तत्काल जब्त करने के निर्देश दिए।
राजस्व को चपत लगाने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए डीएम ने पाया कि कार्यालय में करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी हो रही थी। धारा 47-ए के तहत स्टांप अपवंचन के 47 नए मामले प्रकाश में आए हैं।
जिलाधिकारी ने कड़ा संज्ञान लिया कि कार्यालय द्वारा स्टांप चोरी के बहुत ही कम मामले डीएम कार्यालय को रेफर किए जा रहे थे, जो कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है। साथ ही, 25 ऐसी रजिस्ट्रियां भी मिलीं जो वर्षों से बिना किसी कारण और सूचना के कार्यालय में दबाकर रखी गई थीं।
मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जिलाधिकारी सविन बंसल की इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी ने न केवल वर्तमान उप-निबंधक के खिलाफ कार्रवाई की है, बल्कि पूर्व में तैनात रहे सब-रजिस्ट्रारों और कर्मियों की भूमिका की भी जांच के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले और पारदर्शी प्रशासन की राह में रोड़ा बनने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा न