DMA इंडिया ने पीएम मोदी को लिखा पत्र: NEET-UG 2026 पेपर लीक पर NTA-NMC भंग करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग*
डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन (DMA इंडिया) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को संस्थागत भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विस्तृत पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
यह पत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अमित व्यास, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. शुभ प्रताप सोलंकी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. भानु कुमार एवं राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ सचिव डॉ. सागरिका ने प्रधानमंत्री को लिखा है।
*भविष्य के साथ विश्वासघात*
डॉ. व्यास एवं डॉ. सोलंकी ने कहा, NEET-UG 2026 का रद्द होना केवल एक परीक्षा का रद्द होना नहीं है, बल्कि यह देश के लगभग 23 लाख छात्रों के विश्वास, मेहनत और भविष्य के साथ विश्वासघात है। DMA इंडिया के अनुसार बार-बार होने वाले पेपर लीक अब संयोग नहीं बल्कि एक संगठित पेपर लीक माफिया नेटवर्क और पूरी परीक्षा प्रणाली की विफलता का प्रमाण हैं।
*NTA को भंग करने की मांग*
DMA इंडिया ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को पूरी तरह विफल संस्था बताते हुए कहा कि लगातार घोटालों और सुरक्षा चूक के बाद अब NTA के पास राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं कराने का नैतिक और प्रशासनिक अधिकार नहीं बचा है।
संगठन ने मांग की है कि NTA को तत्काल भंग किया जाए तथा NEET परीक्षा आयोजित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित स्वतंत्र समिति बनाई जाए, जो पूर्ण पारदर्शिता, तकनीकी सुरक्षा और न्यायिक निगरानी के तहत परीक्षा प्रक्रिया संचालित करे। साथ ही NEET को पूर्णतः कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मॉडल पर कराने, डिजिटल एन्क्रिप्शन और मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की भी मांग की।
*NMC की चुप्पी पर सवाल*
DMA इंडिया ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) पर मेडिकल कॉलेज निरीक्षण घोटालों, अमानवीय ड्यूटी घंटे, स्टाइपेंड न मिलने, मनमानी फीस वसूली और पीजी छात्रों के शोषण जैसे मुद्दों पर लगातार मौन रहने का आरोप लगाया।
*शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग*
DMA इंडिया ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की है। संगठन का कहना है कि करोड़ों छात्रों को प्रभावित करने वाली ऐसी संस्थागत विफलताओं पर शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
*हेल्थकेयर सिस्टम खतरे में*
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. भानु कुमार एवं राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ सचिव डॉ. सागरिका ने कहा, देश का हेल्थकेयर सिस्टम मजबूत नहीं हो सकता यदि मेडिकल शिक्षा में प्रवेश ही भ्रष्टाचार और पैसे के दम पर तय होने लगे। लाखों छात्र मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार और एजेंसियों की संवेदनहीनता लगातार दिखाई दे रही है।
DMA इंडिया ने पीएम मोदी से अपील की है कि यदि अब भी कठोर और संरचनात्मक सुधार नहीं किए गए, तो देश की मेडिकल शिक्षा प्रणाली से जनता का विश्वास पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।