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अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने फूंका आंदोलन का शंखनाद एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

*सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर जताया रोष,मांगें नहीं मानी तो उग्र आंदोलन की चेतावनी।*

छबड़ा:अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही, हठधर्मिता और उदासीन रवैये के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन का शंखनाद कर दिया गया। गुरुवार को छबड़ा उपखंड मुख्यालय पर महासंघ के खंड अध्यक्ष मुरारी लाल मीणा के नेतृत्व में करीब 120 शिक्षकों ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सात सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया।ज्ञापन सौंपते समय महासंघ पदाधिकारियों ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि नवाचार के नाम पर शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिला माध्यमिक शिक्षा प्रतिनिधि बृजेश कुमार विजय ने कहा कि पिछले दो वर्षों से शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं का समाधान नहीं होने से प्रदेशभर के शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।खंड मंत्री ओमप्रकाश मीणा ने ज्ञापन का वाचन करते हुए प्रमुख मांगों को सामने रखा। महासंघ ने ग्रीष्मकालीन अवकाश सहित सभी अवकाश यथावत रखने, सत्र 2026-27 के शिविरा कैलेंडर में संशोधन करने, तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्गों के स्थानांतरण एवं लंबित पदोन्नतियों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। साथ ही वर्ष 2019 से क्रमोन्नत विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी कर स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार पदस्थापन करने की मांग भी उठाई गई।महासंघ ने प्रबोधक एवं तृतीय वेतन श्रृंखला के शिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर करने, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों विशेषकर जनगणना, बीएलओ ड्यूटी एवं ऑनलाइन डाटा प्रविष्टि के बढ़ते दबाव से मुक्त करने, आरजीएचएस सुविधा को सुचारू रखने तथा संविदा शिक्षकों को नियमित करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी।कोषाध्यक्ष चेतन मालव ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा बताते हुए कहा कि 14 मई को खंड स्तर पर प्रदर्शन के बाद 29 मई को जिला स्तर, 5 जून को बीकानेर निदेशालय तथा 10 जून को जयपुर में संभाग स्तरीय प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बावजूद समाधान नहीं होने पर 18 जून से प्रदेश स्तरीय क्रमिक धरना एवं मानसून सत्र के दौरान विधानसभा घेराव किया जाएगा।इस दौरान खंड महिला मंत्री राजेश्वरी भार्गव, गोविंद लाल शर्मा, अर्जुन सिंह जादौन, सुरेश बैरवा, लाखन मीणा, मुरलीधर नागर, सत्यनारायण शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार एवं विभाग ने शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।

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