असम क्राइम ब्रांच ने पवन खेड़ा से घंटे से अधिक समय तक की पूछताछ:-
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा से असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मई को घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। यह पूछताछ असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा तथा उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए मामलों के संबंध में की गई। मामला कथित रूप से पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियों को लेकर दिए गए बयानों से जुड़ा हुआ है। पवन खेड़ा निर्धारित समन के बाद गुवाहाटी स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे विस्तृत पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान उनके सार्वजनिक बयानों, सोशल मीडिया पोस्टों तथा विभिन्न आरोपों से जुड़े तथ्यों पर जानकारी ली गई। क्राइम ब्रांच इस मामले में कानूनी और तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है। बताया गया है कि यह मामला उस समय शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनके परिवार से जुड़े कुछ गंभीर आरोप सार्वजनिक रूप से उठाए थे। इन आरोपों में कथित रूप से एक से अधिक पासपोर्ट रखने और विदेशों में संपत्तियों से संबंधित दावे शामिल थे। इसके बाद मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी की ओर से कानूनी कार्रवाई की गई तथा मामला असम पुलिस की क्राइम ब्रांच तक पहुंचा।लंबी पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया है और पूछे गए सभी प्रश्नों का उत्तर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें मई को दोबारा क्राइम ब्रांच के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है, ताकि जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।इस घटनाक्रम के बाद असम की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव और तेज हो गया है। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीतिक प्रतिशोध और गलत जानकारी फैलाने के आरोप लगा रहे हैं। मामले ने राज्य की राजनीति में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल कानूनी जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों और जनमत पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल पूरे मामले पर राज्यभर की नजरें टिकी हुई हैं और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।