शहर में बढ़ती बेरोजगारी, युवाओं को विदेश में नौकरी के सपने दिखा रहे अधिकारी
इनसेप्शन डेली न्यूज़/ID News
ब्यूरो चीफ: संदीप शास्त्री
लखनऊ। एक ओर शहर में बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय विदेश में नौकरी के सपने दिखाने में जुटे हैं। रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं का कहना है कि प्रदेश में उद्योगों और निजी क्षेत्र में अवसरों की कमी के कारण उन्हें बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
हाल ही में आयोजित रोजगार एवं कौशल विकास कार्यक्रमों में अधिकारियों द्वारा विदेशों में नौकरी के अवसरों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए। युवाओं को खाड़ी देशों समेत अन्य देशों में रोजगार दिलाने की बात कही गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस योजना सामने नहीं आई।
बेरोजगार युवाओं का आरोप है कि शहर में फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं, निजी कंपनियों में भर्ती कम है और सरकारी नौकरियों में भर्तियां लंबे समय से अटकी हुई हैं। ऐसे में विदेश भेजने की बातें केवल युवाओं को भ्रमित करने जैसी हैं।
सामाजिक संगठनों और रोजगार विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को पहले स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए, ताकि युवाओं को अपने ही शहर और प्रदेश में सम्मानजनक रोजगार मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि कौशल विकास योजनाओं को स्थानीय उद्योगों से जोड़ने की जरूरत है, तभी बेरोजगारी की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।