Air India ने सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद करने की खबरों को बताया झूठा
एयर इंडिया ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि ईंधन संकट के कारण एयरलाइन ने जुलाई तक अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। कंपनी ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया है।
एयर इंडिया न्यूज़रूम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि कुछ प्लेटफॉर्म्स पर फैलाई जा रही यह खबर कि एयर इंडिया ने सभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स बंद कर दी हैं, पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है।
हालांकि, एयर इंडिया ने यह स्वीकार किया है कि बढ़ती ईंधन लागत और लंबी उड़ान अवधि के कारण जून से अगले तीन महीनों के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानों में कटौती की जा रही है।
इसी के तहत दिल्ली से शिकागो, नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जैसी कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है।
दरअसल, पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने के बाद यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली कई उड़ानों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे ईंधन की खपत और क्रू लागत दोनों में भारी बढ़ोतरी हुई है।
कुछ उत्तर अमेरिका जाने वाली उड़ानों को अब वियना या स्टॉकहोम में तकनीकी स्टॉप भी करना पड़ रहा है, जिससे परिचालन खर्च और बढ़ गया है।
इसके अलावा वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल ने एयरलाइंस पर दबाव बढ़ा दिया है। मई 2026 के पहले सप्ताह में एविएशन फ्यूल की औसत कीमत बढ़कर 162.89 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर प्रति बैरल थी।
एयरलाइन उद्योग में ईंधन लागत कुल परिचालन खर्च का लगभग 40% तक होती है, इसलिए लंबी दूरी की उड़ानें चलाने वाली कंपनियों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है।
एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने भी कर्मचारियों से कहा है कि बढ़ती ईंधन कीमतों और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स अब घाटे में जा रहे हैं, इसलिए सेवाओं में अस्थायी कटौती जारी रह सकती है।