NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक के आरोपों के बाद दोबारा होगी परीक्षा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा अब दोबारा कराई जाएगी, जिसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
NTA के मुताबिक, परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों की जांच के बाद यह फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है ताकि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बना रहे।
CBI करेगी बड़ी जांच
इस मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर प्रश्नपत्र या उससे जुड़ा मैटेरियल छात्रों तक कैसे पहुंचा।
कैसे हुआ कथित पेपर लीक?
जांच एजेंसियों के अनुसार, NEET परीक्षा से करीब 15 दिन से एक महीने पहले ही एक गेस पेपर छात्रों के बीच घूम रहा था। बताया जा रहा है कि इस गेस पेपर में करीब 410 सवाल थे, जिनमें से लगभग 120 सवाल सीधे केमिस्ट्री सेक्शन में परीक्षा में आ गए।
राजस्थान पुलिस SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या यह सिर्फ गेस पेपर था या इसके जरिए संगठित तरीके से चीटिंग करवाई गई।
लाखों रुपये में बिकने के आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कथित प्रश्न बैंक राजस्थान और अन्य राज्यों में कोचिंग नेटवर्क के जरिए फैलाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा से दो दिन पहले इसकी कीमत करीब 5 लाख रुपये तक बताई जा रही थी, जबकि परीक्षा से एक दिन पहले यह करीब 30 हजार रुपये में बेचा गया।
जांच एजेंसियों को कई मोबाइल फोन से Forwarded many times वाले मैसेज भी मिले हैं, जिससे बड़े स्तर पर डिजिटल सर्कुलेशन की आशंका बढ़ गई है।
केरल से राजस्थान तक फैला नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक, यह कथित मैटेरियल सबसे पहले चूरू के एक मेडिकल छात्र से जुड़ा पाया गया, जो फिलहाल केरल में पढ़ाई कर रहा है। वहां से यह सामग्री सीकर भेजी गई और बाद में एक PG संचालक के जरिए छात्रों और काउंसलर्स तक पहुंचाई गई।
अब तक 13 गिरफ्तार
राजस्थान SOG ने पिछले चार दिनों में देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग करियर काउंसलिंग और एडमिशन गाइडेंस के कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं।
NTA की अपील
NTA ने कहा है कि उसे 7 मई को कथित अनियमितताओं की जानकारी मिली थी, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। एजेंसी ने छात्रों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील की है।