भव्य व्यापारी समागम में गूंजीं व्यापारियों की समस्याएं, जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल ने किया गाजियाबाद का प्रतिनिधित्व
गाजियाबाद। व्यापारियों की समस्याओं एवं उनके समाधान को लेकर वृंदावन की पावन नगरी में आयोजित भव्य व्यापारी समागम में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल गाजियाबाद के जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल ने जिले के व्यापारियों का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व किया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय उद्योग व्यापार मंडल एवं उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में मां ज्वाला धाम श्री कृष्णा आश्रम, वृंदावन में किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों एवं उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों से व्यापारी नेता एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
गाजियाबाद से जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल के नेतृत्व में जिला मीडिया प्रभारी संजय शर्मा, जिला मंत्री अमित गोयल, मोदीनगर से निर्दोष खटाना तथा प्रदेश मंत्री सतीश अग्रवाल सहित कई व्यापारी प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में लगभग 300 से अधिक व्यापारी एवं संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समागम के दौरान राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि बाबूलाल गुप्ता, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा, महासचिव राजेंद्र गुप्ता तथा युवा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र उर्फ जीतू सोनी सहित अनेक वरिष्ठ व्यापारी नेताओं का पटका पहनाकर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों एवं जिलों के व्यापारियों की समस्याओं को एक मंच पर लाकर उनके समाधान हेतु ठोस रणनीति तैयार करना रहा। इस दौरान गाजियाबाद के जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल ने व्यापारियों से संबंधित कई गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जीएसटी विभाग द्वारा व्यापारियों की गाड़ियों को अनावश्यक रूप से रोककर जांच के नाम पर परेशान किया जाता है। इसके अलावा जीएसटी पोर्टल पूरी तरह ऑनलाइन होने के बावजूद व्यापारियों को नोटिस भेजकर कार्यालय बुलाया जाता है, जहां उन्हें अनावश्यक परेशानियों और सुविधा शुल्क की मांग का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जब अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सकती हैं तो व्यापारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। इससे व्यापारियों का समय और आर्थिक संसाधन दोनों प्रभावित होते हैं।
बैठक में अन्य जिलों के जिला अध्यक्षों एवं व्यापारी प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संगठन के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व ने व्यापारियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अंत में संगठन की एकजुटता, व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा तथा व्यापारी हितों के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया। समागम में उपस्थित व्यापारियों ने इसे व्यापारी एकता एवं संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।