लहूलुहान पैरों से 26 किमी दौड़े ओलिंपियन सूरी, गाजियाबाद के खिलाड़ियों का जज्बा बना मिसाल
हरबंसलाल सूरी ने 1964 टोक्यो ओलिंपिक में नंगे पैर दौड़ पूरी की।
पैरा-एथलीट सिमरन शर्मा ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीते। एमएमएच कालेज के मैदान से 1964 के टोक्यो ओलिंपिक तक का सफर तय करने वाले गाजियाबाद के ओलिंपियन हरबंसलाल सूरी आज भी उन दिनों को याद करते हैं। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने करीब 26 किलोमीटर की दौड़ नंगे पैर पूरी की थी।दौड़ के दौरान उनके पैरों में पड़े छाले बड़ी बाधा बने, लेकिन लहूलुहान कदमों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दौड़ पूरी की थी। इसी तरह पैरा एथलीट सिमरन और एथलीट ऋचा सूद भी जिले के उन चुनिंदा नामों में शामिल हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत कर भारत के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पदक हासिल किए हैं। .........सरकार से किट तो मिली लेकिन जूते नहीं
टोक्यो ओलिंपिक को 62 वर्ष बीत चुके हैं। सूरी बताते हैं कि उस समय गाजियाबाद में केवल एमएमएच कालेज में ही मिट्टी का ट्रैक था, जहां उन्होंने प्रदेशीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर उन्हें उत्तर रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरी मिली। उन्होंने इंटर रेलवे प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया और नेशनल गेम्स में कांस्य पदक भी जीता।हालांकि, 1960 के ओलिंपिक के लिए तैयारी के बावजूद वह ट्रायल नहीं दे सके। इसके बाद 1962 में उन्होंने एनआइएस पटियाला से एथलेटिक्स कोच की ट्रेनिंग ली। वर्ष 1964 में दिल्ली में आयोजित ट्रायल में उन्होंने क्वालिफाई किया। सरकार की ओर से टोक्यो जाने के लिए किट तो मिली, लेकिन जूते नहीं दिए गए। टोक्यो ओलिंपिक में उन्होंने 2 घंटे 35 मिनट में 26 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 42वां स्थान हासिल किया था।