"500 दिन से जेल में बंद इस्कॉन संत: पवन कल्याण ने बांग्लादेश सरकार को घेरा, बोले- क्या भगवा पहनना अपराध है?"
"500 दिन से जेल में बंद इस्कॉन संत: पवन कल्याण ने बांग्लादेश सरकार को घेरा, बोले- क्या भगवा पहनना अपराध है?"
बंगाल में पिछले 500 दिनों से जेल में बंद इस्कॉन के भिक्षु चिनमोय कृष्ण दास प्रभु को लेकर आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण ने बड़ा और भावुक बयान दिया है। उन्होंने बांग्लादेश सरकार से संत को तुरंत चिकित्सा सहायता और निष्पक्ष न्याय देने की मांग की है।
"दुनिया सिर्फ देख रही है" - पवन कल्याण
पवन कल्याण ने कहा, "500 से अधिक दिनों से एक आध्यात्मिक गुरु सलाखों के पीछे बंद हैं, लेकिन दुनिया सिर्फ देख रही है। जब उनके वकीलों को भी अदालत परिसर में डराया और चुप कराया जाता है, तो फिर निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कैसे की जाए?"
"क्या भगवा पहनना अपराध है?"
जनसेना प्रमुख ने तीखा सवाल उठाया कि क्या अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के अधिकारों की बात करना अपराध है? उन्होंने पूछा, "क्या भगवा वस्त्र पहनकर आवाज उठाने वाला व्यक्ति सीधे अपराधी मान लिया जाएगा?"
जल्द जमानत की अपील
पवन कल्याण ने बांग्लादेश सरकार से चिनमोय कृष्ण दास प्रभु को जल्द जमानत देने और जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक संत को इतने लंबे समय तक बिना सुनवाई के जेल में रखना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
"चुनिंदा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं" पर निशाना
पवन कल्याण ने तथाकथित "चुनिंदा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं" और "छद्म धर्मनिरपेक्षतावादियों" पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर तुरंत सोशल मीडिया अभियान चलाने वाले लोग अब पूरी तरह चुप हैं। "जब अल्पसंख्यक हिंदुओं की बात आती है तो आवाज क्यों दब जाती है?" उन्होंने पूछा।
कौन हैं चिनमोय कृष्ण दास प्रभु?
चिनमोय कृष्ण दास प्रभु बांग्लादेश में इस्कॉन के प्रमुख संत हैं और हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे हैं। उन्हें करीब 500 दिन पहले बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया था। तभी से वे जेल में हैं और उनके समर्थक लगातार रिहाई की मांग कर रहे हैं।
भारत में बढ़ रहा दबाव
पवन कल्याण के बयान के बाद भारत में इस मुद्दे को लेकर आवाज तेज हो गई है। कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी बांग्लादेश सरकार से संत की रिहाई की मांग की है